हम सब एक दूसरे को प्रेरित करते हैं। इस चिट्ठी में, इसी दर्शन को, बताने का प्रयत्न किया गया है।
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यह चिट्ठी ई-पाती श्रंखला की कड़ी है। यह श्रंखला, नयी पीढ़ी की जीवन शैली समझने, उनके साथ दूरी कम करने, और उन्हें जीवन मूल्यों को समझाने का प्रयत्न है। हमें घर में वह व्यवहार करना चाहिये जो हम अपने बच्चों में देखना चाहते हैं।
यह चिट्ठी ई-पाती श्रंखला की कड़ी है। यह श्रंखला, नयी पीढ़ी की जीवन शैली समझने, उनके साथ अपनी दूरी कम करने, और उन्हें जीवन के मूल्यों को समझाने का प्रयत्न है।
वे कह रह थे कि विषय पर कितनी प्रगति हुई है उससे उस विषय के महत्व का पता चलता है। उनके विचार से, कुछ विषय दूसरे विषयों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। मुझे तो वह बड़बोले लगे।
अच्छा ज्ञान था। यदि ऐसा नहीं होता तो मैं उन्हें कूप-मंडूक ही समझती। 'जिस विषय पर आप काम कर रहे हैं, उस पर पिछले बीस साल में कोई प्रगति नहीं हुई है तो क्या वह विषय महत्वपूर्ण नहीं है?'उन्होने इस सवाल का जवाब नहीं दिया, बस मुस्करा कर रह गये।
'You must be the change, you want to see in the World.'
जो परिवर्तन दुनिया में चाहो, वैसा स्वयं बनो।
इसलिये ठीक तरह से व्यवस्थित होने में कुछ समय लगेगा।