Saturday, September 24, 2022

भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें

इस चिट्ठी में रज्जू भैया के जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओं की चर्चा है।

२१ सितंबर १९९५ में गणेश जी की मूर्तियों के दूध पीने की घटना के बाद, कुछ पेपरों में छपी घटना का जिक्र

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।। भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें।।

Saturday, September 10, 2022

हर दिन, हर समय शुभ है

इस चिट्ठी में, जयन्त विष्णु नार्लीकर के जयोतिष के बारे में विचारों की चर्चा है।

२००७ में रामनाथ गोयनका पुरस्कार के दौरान, जाते समय, जब जवाब सुनने के रोकने पर, वहीं फर्श पर जवाब सुनते और उसका जवाब देते हुऐ अब्दुल कलाम।
 चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।

हमारे ग्यारवें  राष्ट्रपति अब्दुल कलाम,  मिसाइल मैन के नाम से जाने जाते थे। राष्ट्रपति पद पर, उनके नामंकन करने से पहले से , संसदीय कार्य मंत्री प्रमोद महाजन ने, इसके लिये दिन और शुभ मुहूर्त पूछा। इस पर उनका जवाब था कि,
'पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है इससे हमें दिन-रात मिलते हैं। पृथ्वी, सूरज के चारों तरफ परिक्रमा करती है। यह एक साल में होता है। जब तक ये दो खगोलीय (ज्योतिषीय नहीं) घटनाएं होती रहेंगी, मेरे लिये हर दिन, हर समय शुभ है। आपको जब ठीक लगे, तब नामंकन दाखिल करें।'
जयन्त विष्णु नार्लीकर भी, यही बात, अलग तरह से कहते हैं। उनके अनुसार,
'मुझे लगता है कि फलज्योतिष में सबसे व्यापक अन्धविश्वास है, ग्रहों का मानवी जीवन पर परिणाम होता हे, यह विश्वास इतना गहरा पैठ चुका है कि लोग इस बात को पूरी अनदेखी कर देते हैं कि न तो इसका कोई वैज्ञानिक आधार है और न ही यह वैज्ञानिक कसौटियों पर खरा उतरता है।'
वे कहते हैं कि इसी कारण
'कुंडली के मेल खाए बिना विवाह नहीं, पितृ पक्ष में कुछ नया नहीं खरीदना, अमावस्या के दिन सर्जरी को टालना, ग्रहों  की स्थिति के अनुसार दिन चुनकर मंत्रियों का शपथविधि करना, यात्रा पर जाने से पहले किसी दूसरे के घर से प्रस्थान करना आदि अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं।'
आज की यूवा पीढ़ी के बारे में वे दुखी लगते हैं,
'आज की युवा पीढी तो हमारी युवा पीढी से कहीं अधिक अन्धश्रध्दालु जान पड़ती है क्योंकि उसके जीवन में तनाव और स्पर्धा बहुत है।'
हांलाकि वे अपने प्राचीन ज्ञान को स्वीकारते हैं लेकिन आज कल उस पर हो रहे ढोंग से दुखी हैं। वे कहते हैं कि,
'भारत के पास प्राचीन साधु-सन्तों की सीख, उनके तत्वज्ञान आदि की सामृध्द धरोहर है, लेकिन आजकल दिखाई देने वाले अनेकों उदाहरण ढोंगी बाबाओं के है। वे जादूगरों जैसी हाथ की सफाई का उपयोग करके चमत्कार दिखाते है। अपने दिव्यत्व का खुद ही ढिंढोरा पीटने वाले सैकड़ों लोग पकड़े गए हैं, लेकिन फिर भी चालाकी से पैसे कमाने वालों की संख्या कम नही हैं।'
ज्योतिष विज्ञान नहीं है। यह एक मिथ्या है। कुछ समय पहले मैंने एक श्रंखला 'ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके' नाम से इसी चिट्ठे पर लिखी थी। इसकी आखरी कड़ी यहां है, जहां से आप इसके पहली कड़ियों पर जा सकते हैं। इसमें आयी कई टिप्पणियां, हमारे अन्धविश्वास को दर्शाती हैं। 

बाद में, इन कड़ियों को संजो कर, अपने लेख चिट्ठे पर, इसी नाम से प्रकाशित की। इस पर आयी कुछ टिप्पणियां, इतनी निम्न स्तर की थीं कि मैं उन्हे प्रकाशित नहीं कर सका। 

इन सब के बावजूद, ज्योतिष पर विश्वास बढ़ता ही जा रहा है।  शायद आने वाले समय में, हम कुछ सीख सकें और इससे उबर सकें।

About this post in Hindi-Roman and English

Hindi (Devnagree) kee is chitthi mein, Jayant Vishnu Narlikar ke jyotish ke bare mein vichaaron kee charchaa hai.
This post in Hindi is about views of Jayant Vishnu Narlikar about astrology.

सांकेतिक शब्द

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Sunday, August 21, 2022

आपातकाल के 'निकोलस बेकर'

इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के फिल्म और गानों में रुचि के साथ आपातकाल के दौरान नाम और भेष बदलने की चर्चा है।

आपातकाल के समय, रज्जू भैया अपने बदले रूप और छद्म नाम गौरव के रूप में

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।।

Monday, August 15, 2022

मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - गलत नहीं

रिचर्ड फाइनमेन - बॉंगो बजाते हुऐ
 इस चिट्ठी में, सम्मेलनों में पूछे जाने वाले सवाल, उनकी प्रसांगिकता पर फाइनमेन के विचारों की चर्चा के साथ, न्यायलय में पूछे जाने वाले सवालों की चर्चा है।

 चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।।

Friday, August 05, 2022

फ़रमानी नाज़ के विचारों को सलाम

इस चिट्ठी पर फ़रमानी नाज़ के गाये भजन 'हर-हर शंभू' पर उठे विवाद पर चर्चा है।

चित्र - फ़रमानी नाज़ के गाये भजन के वीडियो से

Thursday, July 28, 2022

सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन


इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के साथ, सेंट्रल इंडिया लॉन टेनिस चैंपियनशिप में देखे गये मैचों की चर्चा है।

 

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।।

Saturday, July 16, 2022

अरे काहे की पोलिश भाषा

इस चिट्ठी में, जयन्त नार्लीकर की रिचर्ड फाइनमेन से मुलाकात की भी चर्चा है। 

१९६२ में, वॉरसा में हुऐ सम्मेलन में, पॉल डिरैक और रिचर्ड फाइनमेन - यह चित्र 'वॉन्डरस ऑफ फिजिक्स' की इस चिट्ठी से है

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।।

Wednesday, July 06, 2022

रज्जू भैया - बचपन की यादें


 इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के साथ बिताये बचपन की यादों की चर्चा है।

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।

Saturday, May 14, 2022

हाय, हाय यह मजबूरी

 इस चिट्ठी में, आजकल आयी गर्मी की लहर और उससे निजात पाने के उपायों पर चर्चा है।

हाय, हाय यह मजबूरी

यह मौसम और यह गरमी

उस पर, पानी की यह किल्लत

और साथ में, गुल बिजली

हाय, हाय यह मजबूरी

Saturday, April 02, 2022

फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत

जयन्त नार्लीकर ने, अपना शोद्ध फ़्रेड हॉयल के साथ किया। इस चिट्ठी में कुछ बातें उनके बारे में।

फ़्रेड हॉयल का यह चित्र The Guardian के लेख 'Fred Hoyle: the scientist whose rudeness cost him a Nobel prize' के सौजन्य से है।

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।।