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Friday, February 03, 2023

क्या है ईश्वर का मन

इस चिट्ठी में बीबीसी के द्वारा बनायी गयी फिल्म 'आइन्स्टाइन एण्ड एडिंगटन' की समीक्षा है।

'उन्मुक्त जी, यदि यह चिट्ठी आइन्सटाइन के बारे में फिल्म की समीक्षा है तब इस शीर्षक का क्या मतलब है।' 

अरे भाई, जल्दी भी क्या है, पहले समीक्षा तो पढ़े।

Thursday, October 21, 2021

Saturday, August 01, 2020

फिल्म 'शकुंतला देवी'

इस चिट्ठी में, फिल्म 'शकुंतला देवी' की समीक्षा है।

Tuesday, February 28, 2017

रानी पद्मिनी - अलाउद्दीन से रुमानी तौर पर नहीं जुड़ीं

'रानी पद्मिनी फिल्म - बन्द करो' श्रंखला की पिछली कड़ी में चर्चा थी कि 'रानी पद्मिनी वास्तविक या काल्पनिक'। इस कड़ी में चर्चा है कि यदि रानी पद्मिनी काल्पनिक भी हो तब भी क्या किसी फिल्म में रानी पद्मिनी और अलाउद्दीन के बीच रोमांस दिखाया जा सकता है।

दीपिका पादुकोन फिल्म पद्मावती के एक दृश्य में

Wednesday, January 11, 2017

छोरी समझ कर न लड़ियो

यह चिट्ठी महावीर सिंह फोगट की जीवनी 'अखाड़ा' एवं उनके जीवन पर बनी फिल्म 'दंगल' की समीक्षा है।

Sunday, October 30, 2016

द इमिटेशन गेम

ऐलेन ट्यूरिंग आधुनिक कंप्यूटर के पिता कहे जाते हैं। दूसरे विश्व युद्ध में उनका योगदान महत्वपूर्ण था। इस चिट्ठी में, उनकी जीवनी 'ऐलेन ट्यूरिंग - द एनिगमा' (Alan Turing: The Enigma) पर बनी फिल्म 'द इमिटेशन गेम' की (The Imitation Game) की समीक्षा है।

Thursday, October 13, 2016

द मैन हू न्यू इनफिनिटी - फिल्म

इस चिट्ठी में, रॉबर्ट केनिगेल (Robert Kanigel) के द्वारा लिखी पुस्तक 'द मैन हू न्यू इनफिनिटी: अ लाइफ ऑफ द जीनियस रामानुजन' (The Man Who Knew Infinity: A Life of the Genius Ramanujan) पर इसी नाम से बनी फिल्म की समीक्षा है।

Monday, February 20, 2012

जिम कॉर्बेट की कर्म स्थली - कुमाऊं

यह चिट्ठी हमारी कुमाऊँ यात्रा की भूमिका है।
जिम कॉर्बेट रुद्रप्रयाग के आदमखोर तेंदुऐ को मारने के बाद - १९२५ वित्र विकिपीडिया से

Friday, September 16, 2011

प्यार तो होता ही है

इस चिट्ठी में, अंग्रेजी फिल्म 'लव हैपेन्स्' की समीक्षा है।
फिल्म का भावपूर्ण दृश्य

Tuesday, March 08, 2011

आप को कैसी फिल्में पसन्द हैं

ऍलिसन बेचडेल का चित्र विकिपीडिया से
किसी विचारधारा को समाज में पहुंचाने के लिये,  फिल्में और टीवी एक महत्वपूर्ण अंग हैं। फिल्में और टीवी कार्यक्रम किस प्रकार के हों जो महिला सशक्तिकरण को समाज में पहुंचा सकते हैं अथार्त - चर्चा बेचडेल टेस्ट की।

Friday, October 29, 2010

ऐसा कोई कंप्यूटर नहीं, जिसे हैक न किया जा सकता हो

इस चिट्ठी में, फिल्म इंडिपैंडेंटस डे (Independence day) और इसका साईबर अपराध से संबन्ध की चर्चा है।
इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट, 'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने' देखें।

Sunday, October 10, 2010

आज, मुझसे शादी करोगी

इस चिट्ठी में डगलस ऐडम्स् की पुस्तक 'द हिचहाइकरस् गाइड टू द गैलैक्सी' की चर्चा के साथ आज की तारीख का सम्बन्ध बताया गया है।

Wednesday, April 28, 2010

तू डाल डाल, मैं पात पात

यह चिट्ठी, साइबर अपराधों पर नयी श्रृंखला की भूमिका है।
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'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने'
देखें।
फिल्म 'इंडिपेंडेन्स डे' से

Friday, February 19, 2010

क्या 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' हर्पर ली की जीवनी है

स्कॉटस्बॉरो  बॉयज़ ट्रायल में, ९ अश्वेत लोगों पर, श्वेत लड़कियों के साथ बलात्कार करने का मुकदमा ऍलाबामा राज्य में चला था। इस मुकदमे ने हार्पर ली पर असर डाला। उनके द्वारा लिखा उपन्यास, 'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' इसी पर आधारित है।  आज चर्चा करेंगे - इस उपन्यास की कहानी के बारे में और इसके एवं ली के वास्तविक जीवन में समन्वय को भी देखेंगे।

इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,
'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने'
देखें।
upright=1.ली, पुस्तक पर बनी फिल्म प्रॉड्यूसर के साथ - चित्र सौजन्य विकिपीडिया

हार्पर ली का जन्म २८ अप्रैल, १९२६ को ऍलाबामा राज्य में हुआ था। ऍलाबामा राज्य अमेरिका के दक्षिण में है उस समय दक्षिण और उत्तर अमेरिका में, अश्वेतों के बर्ताव में   काफी अन्तर था। दक्षिण में नागरिक अधिकारों का उतना महत्व नहीं था। स्कॉटस्बॉरो बायॉज़  के मुकदमे के समय, ली छ: साल की थी। इस मुकदमे ने, उस के जीवन में बहुत कुछ असर डाला। 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' इसी अनुभवों के आधार पर लिखा उपन्यास है। यह कहानी १९३० के दशक की है। यह कहानी है एक बहन स्काउट, उसके भाई जेम और उनके मित्र डिल की।

स्काउट के पिता एटिक्स फिंच एक वकील हैं। बू रैडली उनके रहस्यमय पड़ोसी हैं। इसमें एक अश्वेत व्यक्ति पर एक श्वेत लड़की से बलात्कार का प्रयत्न करने के लिए मुकदमा चलता है। एटिक्स को बचाव पक्ष का अधिवक्ता नियुक्त किया जाता है। इस मुकदमे में यह सिद्ध हो जाता है कि अश्वेत व्यक्ति निर्दोष है और श्वेत लड़की को चोटें,उसके पिता ने ही पहुंचायी थी। फिर भी, अश्वेत व्यक्ति को सजा हो जाती है।  इस मुकदमे के बाद श्वेत लड़की का पिता  स्काउट और जेम को मारने का प्रयत्न करता है। उस समय बू रैडली जो कि अविवेकी के रूप में जाना जाता है उनकी जान बचाता है।

'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' फिल्म में 
एटिक्स की भूमिका में ग्रेगरी पेक और स्कॉट की भूमिका में मैरी बैधम 

बहुत से लोगों  का कहना है कि 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड'  हर्पर ली की जीवनी है पर वे इस बात को तो नकारती है पर यह भी स्वीकारती हैं कि उन्होंने जीवन में जो भी  देखा, उसी को इस कहानी में उतारा है।

लोगों का कहना भी गलत नहीं है क्योंकि वास्तविक जीवन में भी ली का बड़ा भाई और मित्र था।  उसके पिता भी वकील थे और शादी के पहले उनकी माँ का नाम  फिंच था जो कि उपन्यास में इनका सर-नाम है। उपन्यास से में ली का मित्र डिल है और वास्तविक जीवन में उनके मित्र का नाम ट्रूमैन कापाटे था।

उसका पहले नाम ट्रूमैन स्ट्रेकफस परसॉनस् (Truman Streckfus Persons) था। ट्रूमैन, जब चार साल का था तभी उनके माता-पिता में तलाक हो गया। उसकी मां हमेशा अच्छा जीवन जीने की सोचा करती थी। लेकिन तलाक से वह टूट गयी। उसने ट्रूमैन को उनकी आंटी के पास, मॉनरोविले में भेज दिया। वह ली को पड़ोसी था। वहीं उसका लालन पालन हुआ। 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड'  में भी डिल दूसरी जगह से आता है।

ट्रूमैन की मां न्यूयार्क चली गयी जहां उसने दूसरी शादी कर ली। बाद में  ट्रूमैन के सौतेले पिता ने उसे गोद ले लिया जिससे उसका नाम बदलकर  ट्रूमैन कापाते हो गया।

'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' जीवन के दर्शन को कुछ सरल वाक्यों में बताती है। अगली बार मिलेंगे तब इसी के बारे में बात करेंगें।

बुलबुल मारने पर दोष लगता है




About this post in Hindi-Roman and English
is chitthi mein, 'to kill a mockingbird' kee kahaaanee aur ooske avam harper lee ke jeevan ke sath samanvay kee charcha hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padhne ke  liye, daahine taraf, oopar ka widget dekhen.

This post talks about story of 'To Kill A Mockingbird' and compares it with her real life. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.
 
सांकेतिक शब्द
Scottsboro boys trial, Victoria Price, Ruby Bates,
To Kill a Mockingbird, Atticus Finch, Boo Radley, Harper Lee, Truman Capote, Monroe ville
। book, book, books, Books, books, book review, book review, book review, Hindi, kitaab, pustak, Review, Reviews, science fiction, किताबखाना, किताबखाना, किताबनामा, किताबमाला, किताब कोना, किताबी कोना, किताबी दुनिया, किताबें, किताबें, पुस्तक, पुस्तक चर्चा, पुस्तक चर्चा, पुस्तकमाला, पुस्तक समीक्षा, समीक्षा,
Hindi,
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Saturday, October 17, 2009

यू हैव किल्ड गॉड, सर

 इस चिट्ठी में अमेरिका के लूज़िआना राज्य के साइंस एजूकेशन ऐक्ट, विलायती फिल्म 'क्रिएशन' और 'डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े' श्रंखला के निष्कर्ष की चर्चा है।
इस चिट्ठी को आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें। यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम लिखा है वहां चटका लगायें। इन्हें डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।
 
न्यायालय से पटखनी खाने के बाद भी कट्टरवादियों ने हार नही मानी। वे किसी तरह से ऎसे  कानून बनाने पर जोर दे रहे हैं जिससे कि लगे कि डार्विन का विकासवाद का सिद्वान्त गलत है। अमेरिका के ऎलाबामा (Alabama),  फ्लोरिडा (Florida), मिशिगन (Michigan),  मिसूरी (Missouri), और साउथ कैरोलाइना ( South Carolina)  राज्यों में इस तरह के कानून लाये गये पर वे पास नहीं हो पाये और २००८ में मृत हो गये पर जून २००८ में, लूज़िआना राज्य में 'साइन्स एजूकेशन ऐक्ट' (Science Education Act) पारित किया गया है। यह पुन: विद्यार्थियों में सृजनवाद पढ़ाने के रास्ते खोल सकता है। इस अधिनियम की सारे वैज्ञानिकों ने निन्दा की है।  अफसोस की बात यह है कि  इसे भारतीय मूल के बॉबी ज़िन्दल ने हरी झंडी दी है।
 

डार्विन के जीवन पर इस साल एक नयी फिल्म 'क्रिएशन' (Creation) नाम से बनी है। इसमें डार्विन और उसकी पत्नी ऐमा की भूमिका, पॉल बेटॅनी और जेनिफर कॉनेली ने निभायी है जो कि वास्तविक जीवन में भी पति और पत्नी हैं। यह फिल्म अमेरीका में नहीं दिखायी जा रही है। वहां पर कोई भी फिल्म वितरक इसे वितरण के लिये नहीं लेना चाहता है। उन्हें डर है कि सृजनवादी इसके खिलाफ धरना देगें, प्रदर्शन करेंगे। इस फिल्म में एक जगह एक थॉमस हेनरी हक्सले डार्विन से कहता है
'All mighty can no longer claim to have authored every species under a week.
You have killed God, Sir'
लोग, डार्विन के सिद्धांत को इसी तरह से समझते हैं। इसलिये,  यदि आप कट्टरवादी हैं तो आपको उसका सिद्धांत, यह फिल्म विवादास्पद लगेगी। इस चिट्ठी का शीर्षक मैंने इसी डायलॉग से लिया है। इस फिल्म का ट्रेलर देखिये - आपको पसन्द आयेगा। मैंने जिस डायलॉग की चर्चा की है वह भी इसमें है। 

इस फिल्म में डार्विन और उसकी पत्नी ऐमा की भूमिका पॉल बेटॅनी (Paul Bettany) और जेनिफर कॉनली (Jennifer Connelly) ने निभायी हो जो कि वास्तविक जीवन में भी पति और पत्नी हैं।

चर्च आफ इंग्लैंन्ड ने,  डार्विन के प्रति किये गये अन्याय पर माफ़ी मांग ली।  उनका कहना है कि डार्विन के विकासवाद का सिद्धांत उनके मज़हब के विरूद्ध नहीं है।  वे प्रयत्नशील है कि किसी तरह यह लड़ाई समाप्त हो पर  कट्टरवादी कहीं भी हो, किसी भी धर्म के हों, जब वे हाथ से बाहर निकल जाते है तो किसी की भी नहीं  सुनते हैं।  क्या  वे तर्क  को, सबूतों को,  विज्ञान को समझेंगे या फिर क्ट्टरवादिता, विज्ञान पर विजय प्राप्त कर लेगी? क्या क्रिएशन फिल्म अमेरिका में प्रदर्शित हो पाएगी?  लगता नहीं कि ऐसा हो पायेगा :-(

'उन्मुक्त जी यह आप कैसे कह सकते हैं?'
मैं तो यह ब्रिटिश काउंसिल (British Council) की प्रार्थना पर इप्सॉस मोरी (Ipsos MORI) के द्वारा डार्विन के ऊपर किये गये सर्वे के कारण कहता हूं। इसका डाटा आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। इसका कुछ अंश मैं यहां प्रदर्शित कर रहा हूं।


देश विकासवाद वैज्ञानिक तथ्य हैं हां/ नहीं विकासवाद और ईश्वर - दोनो सम्भव विकासवाद अन्य सिद्धान्तों के साथ
अर्जेनटीना ४४/ ७ ६२ २३/ ६५
चीन ५५/ ७ ३९ १९/ ४२
मिस्र ८/ १९ ४५ १८/ १
इंगलैंड ५१/ ७ ५४ २१/ ५४
भारतवर्ष ३८/ २ ८५ ३७/ ४०
मेक्सिको ५२/ ९ ६५ २८/ ५६
रूस ३९/ ८ ५४ १०/ ५३
. अफ्रीका ८/ ४ ५४ ११/ २९
स्पेन ३९/ ५ ४६ ३४/ ३१
अमेरिका ३३/ २४ ५३ २१/ ५१


यह चार्ट प्रतिश्त में है। इससे पता चलता है कि यद्यपि 'विकासवाद के लिये वैज्ञानिक तथ्य हैं' (कॉलम १) का प्रतिशत  'विकासवाद के लिये वैज्ञानिक तथ्य नहीं हैं' से केवल मिस्त्र (Egypt) को छोड़ कर बाकी देशों में ज्यादा है फिर भी  'ईश्वर एवं विकासवाद पर एक साथ विश्वास किया जा सकता है' (कॉलम २) से कम है और 'विकासवाद व अन्य सिद्धान्त पढ़ाये जाने चाहिये' (कॉलम ३) का प्रतिशत 'केवल विकासवाद पढ़ाया जाना चाहिये' के प्रतिशत से, स्पेन को छोड़, सब देशों में अधिक है।

कहावत है कि झूट, होता है, फिर सफेद झूट , फिर सांख्यिकी - आंकड़े अक्सर गलत बताते हैं। ईश्वर करे कि यह सही हो :-)

ऐसे खबर है कि भारतीय और चीनी विद्यार्थियों को सृजनवाद भा रहा है। विश्वास नहीं,  तो अन्तरजाल पर घूम रहा कार्टून देखिये।

creationism jobs Pictures, Images and Photos

आज दिवाली है - विजय का त्योहार: ज्ञान की अज्ञानता पर, धर्म की अधर्म पर, रोशनी की अंधकार पर - इसी पर्व पावन पर यह श्रंखला इस आशा के साथ समाप्त होती है कि विज्ञान की धार्मिक कट्टरता पर  विजय होगी। आपको दीपवली शुभ हो। 

कौन ... कहता है कि हमारे और बन्दरों के पूर्वज एक थे देखिये हममें कितना अन्तर है।
यह चित्र मेरा नहीं है। इस श्रंखला के दौरान किसी ने यह चित्र भेजा है। यदि इसके कॉपीराइट स्वामी को आपत्ति हो तो मैं चित्र को हटा दूंगा।

मैं बहुत जल्दी आपको दो नयी श्रंखला में ले चलूंगा। पहली में हम बात करेंगे एक ऐसे उपन्यास और उससे जुड़ी कहानियों के बारे में है जो न केवल २०वीं शताब्दी के उत्कृष्ट अमेरिकन साहित्य में गिना जाना जाता है पर,  मेरी बिटिया रानी के अनुसार, जिसे अमेरिका के कॉलेज जाने वाले प्रत्येक विद्यार्थी ने कम से कम एक बार पढ़ा है और दूसरी में, मैं आपको देव भूमि हिमाचल की यात्रा में ले चलूंगा।

डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े 
भूमिका।। डार्विन की समुद्र यात्रा।। डार्विन का विश्वास, बाईबिल से, क्यों डगमगाया।। सेब, गेहूं खाने की सजा।। भगवान, हमारे सपने हैं।। ब्रह्मा के दो भाग: आधे से पुरूष और आधे से स्त्री।। सृष्टि के कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम इसकी शुरुवात का रहस्य।। मुझे फिर कभी ग़ुलाम देश में न जाना पड़े।। ऐसे व्यक्ति की जगह, बन्दरों से रिश्ता बेहतर है।। विकासवाद उष्मागति के दूसरे नियम का उल्लंघन करता है।। समय की चाल - व्यवस्था से, अव्यवस्था की ओर।। मैंने उसे थूकते हुऐ देखा है।। यदि विकासवाद जीतता है तो इसाइयत बाहर हो जायगी।। विकासवाद पढ़ाना मना करना, मज़हबी निष्पक्षता का प्रतीक नहीं।। सृजनवाद धार्मिक मत है विज्ञान नहीं है।। 'इंटेलिजेन्ट डिज़ाईन' - सृजनवादियों का नया पैंतरा।। यू हैव किल्ड गॉड, सर।।




About this post in Hindi-Roman and English
is chitthi mein america ke Louisiana rajya ke 'science education act', british film 'creation' aur 'Darwin, Vikaasvaad, aur Majhhabee rore' shrankhlaa ke nishkarsh kee charchaa hai. yeh {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is about Science Education Act enacted by State of Louisiana, British film 'Creation' and conclusion of 'Darwin, Evolution and Religious Fervour' series. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक चिन्ह
Hindi,।
Hindi Podcast, हिन्दी पॉडकास्ट,

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Thursday, May 08, 2008

उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में

'बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां' इस बार चर्चा का विषय है किसी बड़ी उल्का या छुद्र ग्रह के पृथ्वी से टकराने की कल्पना करते हुऐ लिखी गयी विज्ञान कहानियां (science fiction) और विज्ञान फिल्में (sci-fi film)। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

बड़ी उल्का (meteor) या छुद्र ग्रह (asteroid) के टकराने के बारे में सबसे प्रसिद्घ विज्ञान उपन्यास आर्थर सी क्लार्क ने (Arthur C. Clarke) ने द हैमर ऑफ गॉड (The hammer of God) नाम से 1993 में लिखा है।

इस उपन्यास में काली नाम का छुद्र ग्रह पृथ्वी से टकराने वाला होता है। यह नाम हिन्दू सभ्यता की देवी काली पर रखा गया है। क्लार्क, श्री लंका में रहते थे और हिन्दू सभ्यता के जानकार थे। वे अक्सर अपनी कहानियों में हिन्दू देवी देवताओं के नामों का प्रयोग करते थे। इसमें गोलियथ नाम का जहाज है, जिसके कप्तान रॉबर्ट सिंह हैं। इस जहाज को, छुद्र ग्रह को, पृथवी के रास्ते से हटाने के लिए भेजा जाता हैं। यह हो पाता है कि नहीं, यही इस कहानी में है।

इस कहानी पर फिल्म बनाने के अधिकार को स्टीवन स्पीलबर्ग (Steven Spielberg) ने खरीद लिया था। उन्होंने १९९८ में एक फिल्म डीप इम्पैक्ट (Deep Impact) बनायी पर इस फिल्म की कहानी इस उपन्यास से कुछ भिन्न है और उसमें क्लार्क को भी कोई श्रेय नहीं दिया गया है।

आर्मगेडन बेहतरीन फिल्म है, अवश्य देखें

इसी साल इसी तरह के प्रसंग पर एक और फिल्म आर्मगेडन (Armageddon) नाम से बनी है। मुझें इन दोनो फिल्मों में आर्मगेडल ज्यादा अच्छी लगी।

फिल्म आर्मगेडन, मानविक भावनाओं को बेहतरीन तरीके से दिखाती है। यह कहानी है एक पिता पुत्री के प्रेम की, उसके त्याग की पति पत्नी के रिश्ते की, पिता थे उसके जवान होते बेटे के साथ रिश्तों की। यह बेहतरीन फिल्म है यदि नहीं देखी तो अवश्य देखें। यह आपकी आखों में आंसुओं को भी लायेगी और इसके साथ खुशी भी देगी।

आर्मगेडन शब्द ईसाई धर्म से जुड़ा है। आर्मगेडन फिल्म की कहानी उस दृष्टांत से प्रेरित है। मैं चाहूंगा कि शास्त्री जी इस शब्द के बारे में हम सब को विस्तार से बतायें।


इस फिल्म का ट्रेलर यहां देखें


क्लार्क ने एक विज्ञान कहानी राम से मिलन (रांडवू विथ राम) (Rendezvous with Rama) (1972) नाम से लिखी है। इसमें एक पिंड पृथ्वी की तरफ आ रहा होता है। पहले इसे, एक छुद्रग्रह समझ लिया जाता है पर यह वास्तव में एक किसी अन्य सौर मंडल से आया स्टारशिप है। यह पहले पृथ्वी की तरफ आ रहा था बाद में सूरज की तरफ चला जाता है। इस उपन्यास को ह्यूगो तथा नेब्यूला पुरूस्कार मिल चुका है।

यह नाम भारतीय भगवान राम पर है और यह नाम इसलिये रखा गया क्योंकि उपन्यास में इसका पता, सीता (SITA) नामक स्पेस प्रोब (Space probe) से चला था।

क्लार्क ने इसके बाद कुछ और पुस्तकें इस उपन्यास के बाद की कहानी (Sequel) के रूप में लिखीं। यह उपन्यास है।

कुछ लोग कहते हैं की बेथलेहम का तारा एक धूमकेतु था और वे इसे हैली के धूमकेतु से जोड़ते हैं। इस श्रंखला की आने वाली कड़ियों में हम धूमकेतु या पुच्छल तारे के बारे में चर्चा करेंगे, कुछ बात करेंगे प्रसिद्ध धूमकेतुओं की, और गौर करेंगे कि क्या बेथलेहम का तारा धूमकेतु हो सकता है। इसी के साथ नजर डालेंगे धूमकेतु से संबन्धित कुछ विज्ञान कहानियों पर भी।

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। बेथलेहम का तारा क्या था।। बेथलेहम का तारा उल्कापिंड या ग्रहिका नहीं हो सकता।। पिंडों के पृथ्वी से टक्कर के कारण बने प्रसिद्ध गड्ढ़े।। विज्ञान कहानियां क्या होती हैं और उनका मूलभूत सिद्धान्त।। विज्ञान कहानियों पर पुरुस्कार।। उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में।।

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where 'Download' and there after name of the file is written.)
  • अंतरजाल की माया नगरी की नवीनतम कड़ी: सॅमेंटिक वेब
  • विज्ञान कहानियों के जनक जुले वर्न
यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप -
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में - सुन सकते हैं।
बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

is post per ulka, chhudra grh prithvee per adhaarit vigyaan kahaaniyaan aur filmon ke baare mein charchaa hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post talks about science fiction and films based on meteor, asteroid and earth. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


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Astronomy, Astronomy, bible, Bible, Star of Bethlehem, बेथलेहम का तारा
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Wednesday, February 06, 2008

फिल्म - सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक सत्य कथा पर आधारित है

वियाना में मुझे एक कॉन्वेन्ट में ठहरना था। इसी कारण, बर्लिन से वियाना जाते समय, मुझे ९६० के दशक में देखी फिल्म, सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक (Sound of Music) की याद आयी। यह फिल्म १९६० के दशक में बनी थी। मैंने इसे तभी देखा था। यह आज तक की बनी संगीत-मय फिल्मों में, सबसे प्रसिद्ध है। इसे पांच ऐकेडमी पुरुस्कार मिलें हैं। यह मारिया नामक लड़की की सत्य कथा पर आधारित है।

मारिया का पूरा नाम मारिया फॉन ट्रैप (शादी के पहले कुक्षेरा) {Maria Von Trapp (nee Kutschera)} था। वह वियाना में रहने वाली एक अनाथ लड़की थी। वियाना से वह सॉल्सबर्ग (Salsburg) के एक कॉन्वेंट में नन बनने के गयी। वहां से उसे, विधुर नेवल कमांडर के घर, सात बच्चों की देखभाल करने के लिये, भेजा गया। जहां दोनो में प्रेम हो गया और उन्होने शादी कर ली। वे द्वितीय विश्व युद्ध के समय ऑस्ट्रिया से भाग कर अमेरिका चले गये। मारिया ने बाद में अपनी जीवनी 'द स्टोरी ऑफ ट्रैप फैमली सिंगरस् (The Story of the Trapp Family Singers) नाम से लिखी।

सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक, फिल्म मारिया की पुस्तक 'द स्टोरी ऑफ ट्रैप फैमली सिंगरस्' पर आधारित है। फिल्म की मूलभूत कहानी तो पुस्तक से ली गयी है पर फिल्मी मसाले के लिये, उसमें बदलाव किया गया है। वास्तव में, मारिया द्वितीय विश्व युद्ध के पहले ही कमांडर के घर बच्चों को देखने गयी थी और उसकी शादी भी पहले हो गयी थी पर यह फिल्म में यह सब द्वितीय विश्व युद्ध के समय का दिखाया गया है। हांलाकि वे द्वितीय विश्व युद्ध के समय ही वहां से भागे थे।
नन की भूमिका में जूलिया एंड्रयूस्

फिल्म में मारिया की भूमिका, जूलिया एंड्रयूस् कलाकारा ने निभाया है। इस फिल्म का गाना 'डो रे मी ... डो अ डीयर, अ फीमेल डियर, रे अ ड्रॉप ऑफ गोल्डन सन ' बहुत लोकप्रिय गीत हुआ करता था।

यह कथा सॉल्सबर्ग की है और फिल्म की शूटिंग भी सॉल्सबर्ग में हुई है। यह एक बेहतरीन फिल्म है। यदि आपने नहीं देखी है तो अवश्य देखें।

फिल्म से, सॉल्सबर्ग का एक दृश्यसॉल्सबर्ग, वियाना से दूर है। वहां एक दिन में जाकर वापस नहीं आया जा सकता था इसलिये वहां नहीं गया। जिस जगह पर इस फिल्म की शूटिंग हुई है वहां पर कन्वेन्शन सेन्टर बन गया है और अन्तर-राष्ट्रीय सम्मेलन होते हैं। क्या मालुम कभी वहां सम्मेलन में जाने का मौका मिल जाय तब ही इस फिल्म की यादों को पूरा कर लूंगा।

इसी फिल्म पर आधरित हिन्दी की फिल्म परिचय है। इसमें भारतीय परवेश के अनुसार, बदलाव किये गये हैं। इस फिल्म की मुख्य भूमिका में अशोक कुमार प्राण (गलती सुधार: आभार ई-मेल श्री पीयूष मेहता - सूरत ३९५००१) जीतेन्द्र और जया भादुड़ी हैं। परिचय फिल्म का गाना 'सारे के सारे, गामा के संग' सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक गीत 'डो रे मी ... डो अ डीयर' पर आधारित है। इसे भी आप सुन सकते हैं।



मुझे वियाना में एक कॉन्वेंट में ठहरना था। वहां पर सिस्टर सीग्रेड ने मेरा ख्याल रखा। अगली बार, उन्हीं के बारे में।

वियाना यात्रा
मैं पहुंच रहा हूं।। फिल्म - सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक सत्य कथा पर आधारित है।।



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यह पोस्ट 'सॉउन्ड ऑफ म्यूज़िक' नामक फिल्म और 'द स्टोरी ऑफ ट्रैप फैमली सिंगरस्' नामक पुस्तक की समीक्षा है। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

yah post 'Sound of Music' naamak film aur 'The Story of the Trapp Family Singer's' pustak kee smeekshaa hai. yah hindee {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is review of the picture 'Sound of Music' and book 'The Story of the Trapp Family Singer's'. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
Vienna, Wien, Austria, Salsburg वियाना, ऑस्ट्रिया,
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Saturday, June 30, 2007

अनएन्डिंग लव: हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू

मैंने इस श्रंखला की छटवीं कड़ी में, रोमन हॉलीडे फिल्म के बारे में बात की थी। इस फिल्म की मुख्य भूमिका आड्री हेपबर्न और ग्रेगरी पेक ने निभायी थी। यह दोनो मेरे प्रिय कलाकार रहे हैं। इनका अभिनय लाजावाब था।

अंग्रेजी पिक्चरों में, अक्सर, शब्दों के उच्चारण समझने में मुश्किल होती थी। आड्री हेपबर्न तो ब्रिटानी कलाकारा थी उनका उच्चारण आसानी से समझ में आता है पर ग्रेगरी पेक अमेरिकन थे फिर भी उनका उच्चारण एकदम स्पष्ट था। इस कारण से इनकी फिल्में ज्यादा समझ में आती थीं।

आड्री हेपबर्न (४/५/१२९२ – २०/१/१९९३) की सगाई १९५० में, जेम्स हेन्सन के साथ हुई, तारीख भी तय हो गयी पर दोनों को लगा कि उनके कैरियर उन्हें अलग रखेंगे इसलिये शादी नहीं की। आड्री हेपबर्न की पहली शादी १९५४ में मेल फेरर, कलाकार, से हुई। यह १४ साल चली। उनके लड़के के अनुसार यह ज्यादा खिंची। तलाक लेने से पहले यह दोनो अलग हो गये थे। उस समय आड्री हेपबर्न एक मनोचिकित्सक एन्ड्रिया डॉटी के यहां जाने लगी। बाद में उसी से १९६९ में शादी कर ली। यह शादी भी १३ साल तक चली।

रोमन हॉलीडे १९५३ में बनी थी। आड्री हेपबर्न इसे अपनी सबसे बेहतरीन फिल्म मानती थीं क्योंकि इस फिल्म ने उन्हें सितारा बनाया था। मैंने उनकी सारी फिल्में देखीं और रोमन हॉलीडे के अतिरिक्त जो फिल्में पसन्द आयीं वह हैं, 'शराड', 'माई
फेयर लेडी', 'वार एण्ड पीस', 'हाउ टू स्टील मिलियन', 'वेट अन्टिल डार्क'।

२००३ में, आड्री हेपबर्न के सम्मान में , अमेरीका ने एक स्टैम्प भी निकाला।

ग्रेगरी पेक (५/४/१९१६ – १२/६/२००३), रोमन हॉलीडे के बनते समय (१९५३), हॉलीवुड में बेहतरीन
कलाकार के रूप में नाम कमा चुके थे हालांकि उन्हें सबसे अच्छे कलाकार के लिये ऑस्कर पुरस्कार, १९६२ में 'हाउ टू किल ए मॉकिंग बर्ड' के लिये मिला। यह पुरस्कार, आड्री हेपबर्न को ऑस्कर पुरस्कार के मिलने के बाद था।

ग्रेगरी पेक ने भी अपने जीवन में दो शादियां की। १९४३ में गेटा कुकोनेन और
१९५५ में विरोनीक पसानी के साथ।

मैंने ग्रेगरी पेक की लगभग सारी फिल्में देखीं हैं। रोमन हॉलीडे के अतिरिक्त , 'मोबी डिक', 'हाउ टू किल ए मॉकिंग बर्ड', 'द गन्स आफ नेवटान', और 'मैकेन्नाज़ गोल्ड' उनकी बेहतरीन और देखने योग्य फिल्में हैं।

रोमन हॉलीडे, में वे और आड्री हेपबर्न ने पहली बार साथ काम किया। इन दोनों के बीच, इस फिल्म के
दौरान हुई मित्रता जीवन पर्यन्त चली।

रोमन हॉलीडे फिल्म बनते समय उसके विज्ञापन देने की बात चली। इस फिल्म के निर्माताओं ने उसमें ग्रेगरी पेक को ज्यादा स्थान दिया जाने की पेशकश की। उस समय ग्रेगरी पेक हॉलीवुड में स्थापित कलाकार थे पर ऑड्री हेपबर्न की यह पहली हॉलीवुड फिल्म थी। यह ग्रेगरी पेक का बड़प्पन था कि उन्होने कहा कि आड्री हेपबर्न ने इस फिल्म में बहुत अच्छा काम किया है उसे आस्कर पुरस्कार मिलेगा। उसे मेरे बराबर स्थान दिया जाय।

ऑड्री हेपबर्न की मृत्यु के बाद, ग्रेगरी पेक ने नम आंखों के साथ ने रवीन्द्र नाथ टैगोर की 'अनएन्डिंग लव' कविता सुनायी।

I seem to have loved you in numberless forms, numberless times...
In life after life, in age after age, forever.
My spellbound heart has made and remade the necklace of songs,
That you take as a gift, wear round your neck in your many forms,
In life after life, in age after age, forever.
Whenever I hear old chronicles of love, it's age old pain,
It's ancient tale of being apart or together.
As I stare on and on into the past, in the end you emerge,
Clad in the light of a pole-star, piercing the darkness of time.
You become an image of what is remembered forever.
You and I have floated here on the stream that brings from the fount.
At the heart of time, love of one for another.
We have played along side millions of lovers,
Shared in the same shy sweetness of meeting,
the distressful tears of farewell,
Old love but in shapes that renew and renew forever.
यह आड्री हेपबर्न की सबसे प्रिय कविता थी।

आड्री हेपबर्न और गेगरी पेक बेहतरीन कलाकार, बहुत अच्छे मित्र, फिर भी कभी रूमानी तौर से नहीं जुड़े। रोमन हॉलीडे फिल्म में प्रेम के साथ, सम्मान की सीमा थी तो वास्तविक जीवन में मित्रता के साथ, उसकी लक्षमण रेखा।


भूमिका।। Our sweetest songs are those that tell of saddest thought।। कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन, बीते हुए दिन वो मेरे प्यारे पल छिन।। Love means not ever having to say you're sorry ।। अम्मां - बचपन की यादों में।। रोमन हॉलीडे - पत्रकारिता।। यहां सेक्स पर बात करना वर्जित है।। जो करना है वह अपने बल बूते पर करो।। करो वही, जिस पर विश्वास हो।। अम्मां - अन्तिम समय पर।। अनएन्डिंग लव।। प्रेम तो है बस विश्वास, इसे बांध कर रिशतों की दुहाई न दो।। निष्कर्षः प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो।। जीना इसी का नाम है।।

Saturday, May 26, 2007

रोमन हॉलीडे - पत्रकारिता

इस विषय की पिछली चिट्ठी पर, मैंने अपनी मां के बारे में कुछ और बताने का वायदा किया था पर मुझे लगा कि मैं इस बार बचपन में देखी एक अंग्रेजी फिल्म के बारे में बात करूं जो इस समय प्रसांगिक है। मां की बात, आपातकाल की बात, फिर आगे।

पिछले कुछ महीने, हिन्दी चिट्टाजगत में पत्रकार छाये रहे। यह फिल्म भी एक पत्रकार और एक राजकुमारी की प्रेम कहानी है जिसने रुमानी फिल्मों में नये आयाम स्थापित किये। यह पत्रकारिता की मर्यादाओं को, एक
नये रिश्ते में बांधती है। यह फिल्म उन कलाकारो के द्वारा अभनीत की गयी जो कि अंग्रेजी फिल्मों में बेहतरीन कलाकार हो कर ऊभरे। इन्होने अपने वास्तविक जीवन में भी मित्रता, सम्मान का एक अनोखा रिश्ता कायम किया। जी हां, मैं बात कर रहा हूं ऑड्री हेपबर्न और ग्रेगरी पेक की और फिल्म है - 'रोमन हॉलीडे'।

कहा जाता है कि यह फिल्म, राजकुमारी मार्ग्रेट के रोम यात्रा से ली गयी घटनाओं पर आधारित कहानी है। इस कहानी में राजकुमारी 'ऎन' रोम जाती है। उसे वहाँ अपने देश के प्रतिनिधि की तरह बर्ताव करना है। वहाँ वह अपने देश के राजदूत के साथ टिकती है। उसे राजकुमारी की तरह बर्ताव करना बहुत मुश्किल लगता है वह इस तरह के जीवन से ऊब चुकी है और साधारण व्यक्ति की तरह जीना चाहती है। इस कारण, वह उन्मादी (hysterial) हो जाती है तो डाक्टर उसे नींद का इंजेक्शन लगा देता है। इसके पहले वह इंजेक्शन कारगर हो, वह खिड़की से निकल कर भाग जाती है। सड़क पर, उसकी मुलाकात एक अमेरिकी पत्रकार 'जो' से होती है। राजकुमारी, इंजेक्शन के कारण, रास्ते में ही सोने लगती है। इस पर पत्रकार,
राजकुमारी को अपने घर ले जाता है।

अगले दिन उस राजकुमारी ऎन को पत्रकार सम्मेलन में भाग लेना था जिसमें इस पत्रकार को भी जाना था। उसमें जाने के लिये जब वह दफ्तर पहुँचता है तो उसका सम्पादक बताता है कि राजकुमारी की बीमारी के कारण पत्रकार सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है। सम्पादक, पत्रकार को राजकुमारी का चित्र दिखाता है तब उसे पता चलता है कि राजकुमारी वही लड़की है जो उसके घर में है। वह सम्पादक से पूछता है कि यदि वह राजकुमारी की कुछ खास चित्र उसे दे दे तो उसे क्या मिलेगा। संपादक उसे बहुत पैसा देने की बात कहता है। वह वापस अपने घर आता है और अपने एक मित्र को लेकर राजकुमारी के साथ घूमने जाता है। वे लोग साधारण व्यक्ति की तरह सैर सपाटा करते हैं, मज़ा आता है।

पत्रकार के मित्र के पास एक लाइटर है जो कि एक कैमरा है। उससे वह राजकुमारी की फोटो लेता रहता है। वे लोग रात को समुद्र तट पर पार्टी में जाते है। जहां पर राजकुमारी के देश की खुफिया पुलिस, जो उसे ढूढ़ रही होती है, पहचान लेती है और उसे वापस ले जाना चाहती है। पत्रकार और राजकुमारी वहां से भाग जाते हैं। जब राजकुमारी वापस लौट रही होती है तो उसे लगता है कि उसका अपने देश के प्रति भी कर्तव्य है और उसे वापस जाना चाहिए। वह वापस चली जाती है।

अगले दिन, राजकुमारी पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करती है जिसमें वह उनके जवाब भी देती है। यह
अमेरिकी पत्रकार और उसका मित्र भी उस प्रेस कान्फ्रेंस में होते हैं। उसका मित्र, राजकुमारी का चित्र, उसी लाइटर से लेता है तब राजकुमारी को पता चलता है कि यह लोग पिछले दिन भी उसकी फोटो ले रहे थे। राजकुमारी ऎन से सवाल पूछा जाता है कि वह देशों की दोस्ती के बारे में क्या सोचती है। राजकुमारी जवाब देती है,
'मेरा उस पर उतना ही विश्वास है जितना विश्वास मुझे दो व्यक्तियों के संबंध में है।'
इस पर अमेरिकी पत्रकार कहता है,
'राजकुमारी आपका विश्वास गलत साबित नहीं होगा।'
राजकुमारी कहती है कि उसे यह सुनकर प्रसन्नता हुई।

जब वह पत्रकार सम्मेलन समाप्त होता है तो राजकुमारी सबसे हाथ मिलाती है। अमेरिकी पत्रकार राजकुमारी को एक खास तोहफ़ा देता है जिसमें उनके द्वारा खींचे हुये सारे चित्र और निगेटिव रहते है । इसे राजकुमारी मुस्कराहट के साथ स्वीकार करती है और धीरे-धीरे वहां चली
जाती है जहां से शायद यह लोग फिर कभी नहीं मिल पाये।

इस पिक्चर में मुख्य भूमिका ऑड्री हेपबर्न और ग्रेगरी पेक ने निभायी है और इसका निर्देशन वाइलर ने किया है। यह आड्री हेपबर्न की पहली अमेरिकन पिक्चर थी और उन्हें इस पिक्चर में सबसे अच्छे कलाकार ऑस्कर पुरस्कार भी मिला। यह एक प्रेम कहानी है जो कि रिश्तों के बीच आदर और सम्मान की सीमा भी बताती है। यह अच्छी फिल्म है और सपरिवार देखने योग्य है।

मैं नहीं जानता कि यह वास्तविक जीवन में होता है कि नहीं। यह तो एक फिल्म थी पर मेरे विचार में यह पत्रकारिता की मर्यादा को ठीक तरह से परिभाषित करती है। पत्रकारिता का यही अर्थ होना चाहिए।


चित्रों को बड़े रूप में देखने के लिये उन पर चटका लगायें

भूमिका।। Our sweetest songs are those that tell of saddest thought।। कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन, बीते हुए दिन वो मेरे प्यारे पल छिन।। Love means not ever having to say you're sorry ।। अम्मां - बचपन की यादों में।। रोमन हॉलीडे - पत्रकारिता।। यहां सेक्स पर बात करना वर्जित है।। जो करना है वह अपने बल बूते पर करो।। करो वही, जिस पर विश्वास हो।। अम्मां - अन्तिम समय पर।। अनएन्डिंग लव।। प्रेम तो है बस विश्वास, इसे बांध कर रिशतों की दुहाई न दो।। निष्कर्षः प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो।। जीना इसी का नाम है।।