Monday, December 29, 2025

पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें

सारांश: यह चिट्ठी बताती है कि संवाद को बेहतर बनाने और कानूनी दुनिया में चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने के लिए और क्या किया जा सकता है।

मेरे पिता, वीरेन्द्र कुमार सिंह चौधरी, अपने विद्यार्थी जीवन में

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।  अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।।

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Monday, December 22, 2025

फाइनमेन तकनीक क्या है

सरांश: इस चिट्ठी में, किसी विषय को समझने के लिए, फाइनमेन तकनीक की चर्चा है।
  

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।  अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।।

इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है। 

Tuesday, December 16, 2025

संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है

सारांश: इस चिट्ठी में इस बात की चर्चा है कि संचार के लिये, विषय के बारे में, स्पष्टता जरूरी है।  

२०१९ के संविधान दिवस पर मुझे गुजरात उच्च न्यायालय में बोलने का मौका मिला था। यह चित्र उसी समय का है। वह भाषण यहां सुना जा सकता है।

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।  अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। 

इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है। 

Wednesday, December 10, 2025

अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना

सारांश: इस चिट्ठी में बात समझाने की कला के महत्वपूर्ण बिन्दू की चर्चा है। 

१६०५ में छपे हैमलेट नाटक का पहला पेज। इस नाटक के उद्धरण से, इस चिट्ठी की बात समझायी गयी है। चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से  

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।  बात कहने का महत्वपूर्ण बिन्दु।।  

इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है। 

Wednesday, December 03, 2025

अपनी भाषा सुधारें

सारांश: इस चिट्ठी में, इस बात की चर्चा है कि अपनी बात, दूसरों का समझाने की कला (कम्युनिकेशन) को, किस तरह से बेहतर किया जा सकता है।

जब मैं वकील बना, तो मैं अखबारों और पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिखा करता था। बाद में उन्हें 'A Lawyer's World and Childhood Dreams' नाम से पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया। यह पुस्तक के पहले संस्करण का ऊपर का पेज है। इसमें कई लेख, इस चिट्ठे पर उपलब्ध हैं। 

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। 

इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है। 

Sunday, November 23, 2025

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात

सारांश: कानूनी दुनिया में, बावन साल बिताने के बाद, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि कानून के छात्रों के लिए, मेरे पास क्या सलाह है। मैंने सोचा कि इसे लिखना अच्छा रहेगा। यहाँ इस श्रंखला की पहली चिट्ठी है जो इसकी भूमिका और कानूनी दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़रूरी अहर्ता की चर्चा करती है।

गुरू घासी दास विश्वविद्यालय में कानून के विद्यार्थियों के बीच एक सेमिनार में। मेरे बांयी तरह विश्वविद्यालय के कुलाधिपती प्रोफेसर माधव मेनन दायीं तरफ वहां के कुलपति।

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।।

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Thursday, October 30, 2025

खरगोश और कछुआ - पंचतंत्र

 यह 'भारतीय न्यायालयों में FOSS नवाचार: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित' श्रृंखला की आठवीं और आखरी चिट्ठी है। इसमें 'पंचतंत्र'की एक कहानी के द्वारा बताया गया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय FOSS को क्यों अपनाया।


भारतीय न्यायालय में FOSS का प्रयोग: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित

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Thursday, October 02, 2025

संघ के सौ वर्ष और हमारे संस्कार

इस चिट्ठी में,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) के सौ साल पूरे होने पर, हमारे परिवार का संघ के संबंधों, उसकी विचारधारा का हम पर प्रभाव और उससे मिले संस्कारों की चर्चा है। 

 मेरे पिता के ७०वें जन्मदिन पर, रज्जू भैया उनहें बधाई देते और मिठाई खिलाते हुए

Monday, September 15, 2025

फौस अपनाने का कारण

यह 'भारतीय न्यायालयों में फौस का प्रयोग: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित' श्रृंखला की सातवीं पोस्ट है। इसमें बताया गया है कि हमने फौस को क्यों अपनाया।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में महात्मा गांधी की प्रतिमा

भारतीय न्यायालय में FOSS का प्रयोग: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित

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Monday, September 08, 2025

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की समस्याएं

यह 'भारतीय न्यायालयों में फौस का प्रयोग: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित' श्रृंखला की छठी कड़ी है। यह इस बात पर चर्चा करता है कि लिनक्स डेस्कटॉप, किफायती, स्थिर और वायरस-मुक्त होने के बावजूद, मुख्यधारा में क्यों नहीं आ पा रहा।

भारतीय न्यायालय में FOSS का प्रयोग: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से प्रेरित

परिचय।। भारतीय न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण।। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में FOSS की शुरुवात।।  इलाहाबाद उच्च न्यायालय में FOSS का अगला कदम।। ई-समिति ने FOSS को अपनाया।। लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की समस्याएं।।

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