Thursday, February 28, 2008

बेथलेहम का तारा क्या था

यह कहा जाता है कि प्रभु ईसा के जन्म के समय आकाश में एक तारा निकला जिसने लोगों को ईसा मसीह के जन्म की सूचना दी और वहां पहुंचने की राह दिखायी। इसे देख के पूरब से तीन बुद्घिमान राजा (Magi) भी उनको भेंट देने, उनका आदर करने पहुंचे। इसे बेथलेहम का तारा (Star of Bethlehem), या जीज़स तारा (Jesus Star), या क्रिस्मस तारा (Christmas Star) भी कहा जाता है। यह एक दैविक घटना की तरह बतायी जाती है। इस तरह की दैविक घटनायें सारे धर्मो में है।

तीन बुद्घिमान राजा, प्रभू ईसा का सम्मान करते हुऐ।

इसी तारे के सम्बंध में शास्त्री ने एक चिट्ठी वह तारा क्या था नाम से लिखी। अतुल जी ने इस पर अपने विचार रखे,
'कृष्ण, क्राइस्ट, बुद्ध, महावीर आदि पथप्रदर्शकों के जन्म से विशेष घटनाएँ जुड़ी हैं। इन्हें संयोग भी कहा जा सकता है या चमत्कार भी कहा जा सकता है। इतने बरसों पहले हुई घटनाएँ आज शायद समझ के परे हो सकतीं हैं।'
संजय गुलाठी जी भी कुछ इसी तरह का विचार रखते हैं वे कहते हैं कि
'मगर खगोलीय घटनाएं दैव या दैविक संदेशों से बाहर नहीं।'
ज्ञान जी भी को भी कुछ इसी तरह का लगता है। वे कहते हैं,
'बहुत सम्भव है कि महान विभूति का आगमन खौगोलिक संयोग से जुड़ा होता हो। यह कथा हमें चमत्कृत तो करती ही है।'

मेरे विचार में, यह कोई दैविक घटना न होकर वैज्ञानिक तथ्य है जो उस समय पता न होने के कारण दैविक घटना के रूप में बतायी जाती है। यह भी हो सकता है कि वह तथ्य उस समय न होकर उसके आगे पीछे हुआ हो और उस व्यक्ति के महत्व दर्शाने के लिये उसे वहां जोड़ दिया गया हो।

हम महाभारत में अर्जुन के द्वारा जयद्रथ वध की कहानी को देखें। मेरे विचार से तो उस समय पूर्ण सूर्य ग्रहण लगा होगा। किसी के द्वारा सूर्य को ढ़क लेना समभ्व नहीं है। ज्ञान जी इस घटना के दो कारण बताते हैं।

क्या जयद्रथ के वध के समय इसी तरह से कुछ हुआ

यह दैविक घटना न होकर कोई विज्ञान से जुड़ी कोई बात रही होगी

मेरे विचार में, प्रभू ईसा के समय निकला तारा भी कोई दैविक घटना न होकर कोई विज्ञान से जुड़ी कोई बात रही होगी।

क्या था वह तारा था? क्या वह कोई उल्का meteoroid था, या छुद्र ग्रह (asteroid, minor planet, plantoid), या फिर पुच्छल तारा या धूमकेतु (comet), या कुछ ग्रहों का योग (combination of planets), या फिर कोई नोवा (nova), या कोई सुपरनोवा (supernova)?

संजय जी कहते हैं,
'वह कोई बड़ी उल्का हो सकती है, जो वायूमण्डल में प्रवेश कर गई थी।'
क्या संजय जी का अनुमान संभव है। इस पर चर्चा करने से पहले कुछ बातें उल्का और छुद्र ग्रहों की। यह कैसे बने, कैसे बनते हैं, कहां से आते हैं। यह अगली बार।

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। बेथलेहम का तारा क्या था

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इस चिट्ठी के चित्र विकीपीडिया से है और ग्नू स्वतंत्र अनुमति पत्र की शर्तों के अन्तर्गत प्रकाशित किये गये हैं।

इस पोस्ट पर चर्चा है कि बेथलेहम का तारा क्या था। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

yah post per charchaa hai ki Bethlehem ka tara kya Thaa. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is about - What was the star of Bethlehem. You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
Astronomy, Astronomy, bible, Bible, Star of Bethlehem, बेथलेहम का तारा
culture, Family, fiction, life, Life, Religion, जीवन शैली, धर्म, धर्म- अध्यात्म, विज्ञान, समाज, ज्ञान विज्ञान,

5 comments:

  1. उनमुक्तजी, आप ने बहुत परिश्रम किया है इस पोस्ट के लिए और यह मेहनत रंग भी लाई है।

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  2. अब आगे आप क्या बताने जा रहे हैं यह उत्कंठा है !

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  3. बहुत खूब। इस पोस्ट के लिए आपने वाकई बहुत श्रम किया है। मैं आपकी इस अध्येतावृत्ति को प्रणाम करता हूं।

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  4. मेरे विचार से दैवीय घटना भी वैज्ञानिक होती है। ईश्वर के पास उनके अपने बनाये नियमों में इतना प्ले होता है कि वे (तथाकथित चमत्कार) कर सकें। क्वाण्टम मेकेनिक्स यह सम्भावनायें स्पष्ट करता ही है।

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  5. हो सकता है कुछ सदियो बाद लोग गांधी जन्म से भी कोई संयोग बताया जाए, अगली पोस्ट की प्रतीक्शा...

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आपके विचारों का स्वागत है।