Thursday, November 24, 2022

हिन्दी बनाम अंग्रेजी

इस चिट्ठी में, जयन्त विष्णु नार्लीकर के हिन्दी एवं मातृ भाषा के बारे में विचारों की चर्चा है। 

इस विषय को, फिल्म 'हिन्दी मीडियम', बेहतरीन तरीके से उठाती है। नीचे इस फिल्म का टेलर है

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

Saturday, September 24, 2022

भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें

इस चिट्ठी में रज्जू भैया के जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओं की चर्चा है।

२१ सितंबर १९९५ में गणेश जी की मूर्तियों के दूध पीने की घटना के बाद, कुछ पेपरों में छपी घटना का जिक्र

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।। भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें।।

Saturday, September 10, 2022

हर दिन, हर समय शुभ है

इस चिट्ठी में, जयन्त विष्णु नार्लीकर के जयोतिष के बारे में विचारों की चर्चा है।

२००७ में रामनाथ गोयनका पुरस्कार के दौरान, जाते समय, जब जवाब सुनने के रोकने पर, वहीं फर्श पर जवाब सुनते और उसका जवाब देते हुऐ अब्दुल कलाम।
 चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।

हमारे ग्यारवें  राष्ट्रपति अब्दुल कलाम,  मिसाइल मैन के नाम से जाने जाते थे। राष्ट्रपति पद पर, उनके नामंकन करने से पहले से , संसदीय कार्य मंत्री प्रमोद महाजन ने, इसके लिये दिन और शुभ मुहूर्त पूछा। इस पर उनका जवाब था कि,
'पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है इससे हमें दिन-रात मिलते हैं। पृथ्वी, सूरज के चारों तरफ परिक्रमा करती है। यह एक साल में होता है। जब तक ये दो खगोलीय (ज्योतिषीय नहीं) घटनाएं होती रहेंगी, मेरे लिये हर दिन, हर समय शुभ है। आपको जब ठीक लगे, तब नामंकन दाखिल करें।'
जयन्त विष्णु नार्लीकर भी, यही बात, अलग तरह से कहते हैं। उनके अनुसार,
'मुझे लगता है कि फलज्योतिष में सबसे व्यापक अन्धविश्वास है, ग्रहों का मानवी जीवन पर परिणाम होता हे, यह विश्वास इतना गहरा पैठ चुका है कि लोग इस बात को पूरी अनदेखी कर देते हैं कि न तो इसका कोई वैज्ञानिक आधार है और न ही यह वैज्ञानिक कसौटियों पर खरा उतरता है।'
वे कहते हैं कि इसी कारण
'कुंडली के मेल खाए बिना विवाह नहीं, पितृ पक्ष में कुछ नया नहीं खरीदना, अमावस्या के दिन सर्जरी को टालना, ग्रहों  की स्थिति के अनुसार दिन चुनकर मंत्रियों का शपथविधि करना, यात्रा पर जाने से पहले किसी दूसरे के घर से प्रस्थान करना आदि अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं।'
आज की यूवा पीढ़ी के बारे में वे दुखी लगते हैं,
'आज की युवा पीढी तो हमारी युवा पीढी से कहीं अधिक अन्धश्रध्दालु जान पड़ती है क्योंकि उसके जीवन में तनाव और स्पर्धा बहुत है।'
हांलाकि वे अपने प्राचीन ज्ञान को स्वीकारते हैं लेकिन आज कल उस पर हो रहे ढोंग से दुखी हैं। वे कहते हैं कि,
'भारत के पास प्राचीन साधु-सन्तों की सीख, उनके तत्वज्ञान आदि की सामृध्द धरोहर है, लेकिन आजकल दिखाई देने वाले अनेकों उदाहरण ढोंगी बाबाओं के है। वे जादूगरों जैसी हाथ की सफाई का उपयोग करके चमत्कार दिखाते है। अपने दिव्यत्व का खुद ही ढिंढोरा पीटने वाले सैकड़ों लोग पकड़े गए हैं, लेकिन फिर भी चालाकी से पैसे कमाने वालों की संख्या कम नही हैं।'
ज्योतिष विज्ञान नहीं है। यह एक मिथ्या है। कुछ समय पहले मैंने एक श्रंखला 'ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके' नाम से इसी चिट्ठे पर लिखी थी। इसकी आखरी कड़ी यहां है, जहां से आप इसके पहली कड़ियों पर जा सकते हैं। इसमें आयी कई टिप्पणियां, हमारे अन्धविश्वास को दर्शाती हैं। 

बाद में, इन कड़ियों को संजो कर, अपने लेख चिट्ठे पर, इसी नाम से प्रकाशित की। इस पर आयी कुछ टिप्पणियां, इतनी निम्न स्तर की थीं कि मैं उन्हे प्रकाशित नहीं कर सका। 

इन सब के बावजूद, ज्योतिष पर विश्वास बढ़ता ही जा रहा है।  शायद आने वाले समय में, हम कुछ सीख सकें और इससे उबर सकें।

About this post in Hindi-Roman and English

Hindi (Devnagree) kee is chitthi mein, Jayant Vishnu Narlikar ke jyotish ke bare mein vichaaron kee charchaa hai.
This post in Hindi is about views of Jayant Vishnu Narlikar about astrology.

सांकेतिक शब्द

 । book, book, books, Books, books, book review, book review, book review, Hindi, kitaab, pustak, Review, Reviews, science fiction, किताबखाना, किताबखाना, किताबनामा, किताबमाला, किताब कोना, किताबी कोना, किताबी दुनिया, किताबें, किताबें, पुस्तक, पुस्तक चर्चा, पुस्तक चर्चा, पुस्तकमाला, पुस्तक समीक्षा, समीक्षा,  #हिन्दी_ब्लॉगिंग #HindiBlogging
#BookReview #Biography
#JayantVishnuNarlikar #ChaarNagronKiMeriDuniya
#Astronomy #Astrology


Sunday, August 21, 2022

आपातकाल के 'निकोलस बेकर'

इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के फिल्म और गानों में रुचि के साथ आपातकाल के दौरान नाम और भेष बदलने की चर्चा है।

आपातकाल के समय, रज्जू भैया अपने बदले रूप और छद्म नाम गौरव के रूप में

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।।

Monday, August 15, 2022

मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - गलत नहीं

रिचर्ड फाइनमेन - बॉंगो बजाते हुऐ
 इस चिट्ठी में, सम्मेलनों में पूछे जाने वाले सवाल, उनकी प्रसांगिकता पर फाइनमेन के विचारों की चर्चा के साथ, न्यायलय में पूछे जाने वाले सवालों की चर्चा है।

 चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।।

Friday, August 05, 2022

फ़रमानी नाज़ के विचारों को सलाम

इस चिट्ठी पर फ़रमानी नाज़ के गाये भजन 'हर-हर शंभू' पर उठे विवाद पर चर्चा है।

चित्र - फ़रमानी नाज़ के गाये भजन के वीडियो से

Thursday, July 28, 2022

सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन


इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के साथ, सेंट्रल इंडिया लॉन टेनिस चैंपियनशिप में देखे गये मैचों की चर्चा है।

 

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।।

Saturday, July 16, 2022

अरे काहे की पोलिश भाषा

इस चिट्ठी में, जयन्त नार्लीकर की रिचर्ड फाइनमेन से मुलाकात की भी चर्चा है। 

१९६२ में, वॉरसा में हुऐ सम्मेलन में, पॉल डिरैक और रिचर्ड फाइनमेन - यह चित्र 'वॉन्डरस ऑफ फिजिक्स' की इस चिट्ठी से है

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।।

Wednesday, July 06, 2022

रज्जू भैया - बचपन की यादें


 इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के साथ बिताये बचपन की यादों की चर्चा है।

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।

Saturday, May 14, 2022

हाय, हाय यह मजबूरी

 इस चिट्ठी में, आजकल आयी गर्मी की लहर और उससे निजात पाने के उपायों पर चर्चा है।

हाय, हाय यह मजबूरी

यह मौसम और यह गरमी

उस पर, पानी की यह किल्लत

और साथ में, गुल बिजली

हाय, हाय यह मजबूरी

Saturday, April 02, 2022

फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत

जयन्त नार्लीकर ने, अपना शोद्ध फ़्रेड हॉयल के साथ किया। इस चिट्ठी में कुछ बातें उनके बारे में।

फ़्रेड हॉयल का यह चित्र The Guardian के लेख 'Fred Hoyle: the scientist whose rudeness cost him a Nobel prize' के सौजन्य से है।

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।।

Tuesday, March 15, 2022

रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव

 इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के अध्यन के दिनों के साथ, उनके संघ की तरफ झुकाव की चर्चा है। 

सेंट जोसेफ नैनीताल - चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।।

Wednesday, March 09, 2022

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से

इस चिट्ठी में, जयंत विष्णु नार्लीकर की आत्मकथा  'चार नगरोंं की मेरी दुनिया' से,    कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कुछ किस्सों की चर्चा है।

कैम्ब्रिज विश्वविदयाल का फिट्ज़विलियम कॉलेज का खेल का मैदान, जहां जयन्त नार्लीकर ने पढ़ाई की - चित्र विकिफीडिया से

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।।

Tuesday, March 01, 2022

सबसे बड़े भगवान

शिवरात्रि, बाबा का जन्मदिन, और उनका एक और किस्सा।

रात के खाने पर - बीते समय की चर्चा

तुम्हारे बिना

।। 'चौधरी' ख़िताब - राजा अकबर ने दिया।। बलवन्त राजपूत विद्यालय आगरा के पहले प्रधानाचार्य।। मेरे बाबा - राजमाता की ज़बानी।। मेरे बाबा - विद्यार्थी जीवन और बांदा में वकालत।। बाबा, मेरे जहान में।। पुस्तकें पढ़ना औेर भेंट करना - सबसे उम्दा शौक़।। सबसे बड़े भगवान।।  मेरे नाना - राज बहादुर सिंह।। बसंत पंचमी - अम्मां, दद्दा की शादी।। अम्मां - मेरी यादों में।।  दद्दा (मेरे पिता)।।My Father - Virendra Kumar Singh Chaudhary ।।  नैनी सेन्ट्रल जेल और इमरजेन्सी की यादें।। RAJJU BHAIYA AS I KNEW HIM।। मां - हम अकेले नहीं हैं।।  रक्षाबन्धन।। जीजी, शादी के पहले - बचपन की यादें ।।  जीजी की बेटी श्वेता की आवाज में पिछली चिट्ठी का पॉडकास्ट।। चौधरी का चांद हो।।  दिनेश कुमार सिंह उर्फ बावर्ची।। GOODBYE ARVIND।।

Thursday, February 17, 2022

रज्जू भैया का परिवार

इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के परिवार की चर्चा है।

 

कुंवर बलबीर सिंह, रज्जू भैया के पिता जी

 

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।।

Sunday, February 13, 2022

साड़ी दिवस तो, आज होना चाहिये

इस चिट्ठी में, चर्चा है कि १३ फरवरी को, क्यों साड़ी दिवस होना चाहिये; और

यदि आज काले रंग की साड़ी पहनी जाय, तो क्या बात है।

 
यह मॉडल और काली साड़ी का चित्र पंश इंडिया की वेबसाइट से है। मुझे यह साड़ी सुन्दर लगी पर जब मैं इसे शुभा के लिये खरीदने लगा तो देखा कि यह आउट ऑफ स्टॉक है 😞  

Wednesday, February 02, 2022

जयंत विष्णु नार्लीकर - भूमिका


यह चिट्ठी, जयंत विष्णु नार्लीकर और उनकी आत्मकथा  'चार नगरोंं की मेरी दुनिया' के बारे में नयी श्रंखला की भूमिका है।

जयंत विष्णु नार्लीकर इलाहाबाद तारामंडल में बोलते हुऐ - चित्र प्रमोद पांडे के सौजन्य से

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।। 

Saturday, January 29, 2022

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना - भूमिका

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के चौथे सरसंघ चालक, रज्जू भैया का जन्म २९ जनवरी १९२२ में हुआ था। आज उनकी जन्म शताब्दी है। इसी अवसर पर, उनके ऊपर, यह श्रंखला शुरू कर रहा हूं। आने वाले समय में, उनकी यादों को साझा करूंगा।

मेरे पिता के ७०वें जन्मदिन पर, मिठाई खिलाते रज्जू भैया

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।।

Sunday, January 09, 2022

अनलिखी - हनुमान तो सुपरमैन हैं

इस चिट्ठी में, लॉस ऐंजलीस में हुऐ विश्च हिन्दू परिषद के समारोह की कुछ बातें हैं, जो अम्मा ने मेरे बेटे को नहीं लिखीं थीं। 

इस समारोह में, रज्जू भैया (बड़े चाचा जी) मुख्य वक्ता थे, जाहिर है इस चर्चा में, कुछ बातें, उनके बारे में।

बड़े चाचा जी, सेंट जोसेफ नैनीताल में पढ़े थे। नीचे का चित्र उन्हें वहां पुरस्कार में मिली एक पुस्तक का है। इसमें, कोई तारीख नहीं लिखी है। लेकिन, वे वहां, १९३० के दशक में, विद्यार्थी थे। इसलिये यह पुस्तक ८० साल से भी अधिक पुरानी है। मैंने इसे उनकी याद में रख छोड़ी है। । 


दादी की चिट्ठी - रमरीका यात्रा 

भूमिका।। लन्दन होते हुऐ, वॉशिन्गटन।। फ्लोरिडा के सी-वर्ल्ड में मस्ती।। जमाइका, एरिज़ोना और सैन फ़्रांसिस्को की यात्रा।  विश्व हिन्दू परिषद के लॉस एंजेलिस सम्मेलन में।। नियागरा फॉल्स - हैलीकॉपटर पर।।  न्यू-वृन्दावन - मथुरा में बृन्दावन जैसा है।। अनलिखी - हनुमान तो सुपरमैन हैं।।