Thursday, January 11, 2007

लिनेक्स प्रेमी पुरुष - ज्यादा कामुक और भावुक ? ? ?

लिनेक्स और सेक्स – क्या इन दोनो में सम्बन्ध है।

'उन्मुक्त जी, आप तो सीरियस बातें किया करते हैं। आपको मजाक कब से सूझने लगा।'
भाई, मैं तो यही समझता था कि इन दोनो में कोई सम्बन्ध नहीं है और यह मैं नहीं कह रहा हूं यह तो सुश्री एन्ड्रिया कॉर्डिंगली कह रही हैं। सुश्री कॉर्डिंगली स्वयं लिनेक्स प्रेमी हैं और लिनेक्स के बारे न केवल लिखती हैं पर इसकी मुश्किलों को भी दूर करती हैं।

सुश्री कॉर्डिंगली के अनुसार महिलायें उन पुरुषों को ज्यादा पसन्द करती हैं जो कि पेंग्यूइन से प्रेम करते हैं। उनका अर्थ किसी पेंग्यूइन पक्षी या खिलौने से नहीं है पर लिनेक्स के चिन्ह पेंग्यूइन से है। हूं... हूं क्या बात है। (झूट ही सही, सपने देखने से कौन रोक सकता है)

महिलायें ऐसे लोगो को क्यों पसन्द करती हैं?
क्योंकि ऐसे लोग जोशीले, उत्साही और कामुक होते हैं।

ऐसे लोग मुश्किलों को कैसे झेलते हैं?
मुश्किल का हल निकालने में, लिनेक्स प्रेमियों का कोई सानी नहीं हैं। आप उनके सामने कोई भी मुश्किल रखें, वे बहुत ज्लद उसका हल निकालेगे।

वे ऐसा कैसे कर लेते हैं?
लिनेक्स में स्वयं मुश्किलो का हल निकालना पड़ता है। बस, हल ढ़ूढते हुऐ, वे इस कला में सिद्धहस्त हो चुके होते हैं।

ऐसे लोग क्या सोचते हैं?
यह लोग अकसर मुश्किल बातों का हल सोचते रहते हैं। मसलन यह ब्रहमांड कैसे बना? ब्लैक होल्स कैसे आये? यह बात दीगर है कि जहां वे इन बातों को सोचते हैं वहां उनका क्या औचित्य है - मसलन कार में मस्ती में घूमते समय :-)

लिनेक्स में विश्वास करने वाले लोग कैसे होते हैं?
लिनेक्स प्रयोग करने वाले लोग एक तरफ जहां भावुक होते हैं वहीं अपनी बात न केवल विश्वास करते हैं पर उसे जोर देकर कहने में कभी नहीं हिचकिचाते। यह लोग सपने देखते हैं और उन सपनो को पूरा करने का माद्दः रखते हैं। मालुम नहीं यह लोग सोते भी हैं कि नहीं, पर यह सच दिन रात काम में लगे रहते हैं फिर भी इनकी ऊर्जा में कोई कमी नहीं होती।

क्या यह लोग कंजूस होते हैं?
बिलकुल नहीं। यह लोग न केवल अच्छा पैसा कमाते हैं पर उसे खर्चा भी करना जानते हैं। हां यह बात अलग है कि उनके सब रास्ते लिनेक्स पर जाते हैं :-)

क्या आपको अभी भी इस बात का विश्वास नहीं है?
यदि आप महिला हैं तो आप वह प्रयोग करके देखिये जो कि सुश्री कॉर्डिंगली की महिला मित्र ने किया। यह प्रयोग भी उनकी चिट्ठी में बताया गया है। आप यह तभी करें जब आप शादी-शुदा हों। बाद में यह मत कहियेगा कि मैंने बताया नहीं।

मैं नहीं जानता कि सुश्री कॉर्डिंगली की बात सच है अथवा नहीं। पर यह सच है कि यदि मुन्ने की मां ने इसे पढ़ लिया तो मेरा घर से बाहर निकलना दूभर हो जायगा और किसी भी महिला से बात करने की बात तो दूर, महिलाओं की तरफ देखना भी वर्जित। वह कभी यह बात नहीं मानेगी कि यह इस शर्ट का एक विज्ञापन मात्र है, या केवल हसी-मजाक के लिये लिखी गयी एक चिट्ठी है, जिसके लिखने वाले का भी जवाब नहीं।

9 टिप्पणियाँ:

Raviratlami said...

तो क्या खिड़की (विंडोज़) प्रेमी ठंडे और कठोर होते हैं?

;)

nrohilla said...

उन्मुक्तजी,

आपकी इस पोस्ट ने तो मुझे एक नया जोश दे दिया है|
अभी पिछले दो दिनो से बेतार की नेटवर्किंग चालू करने में जुटा था, परन्तु सफलता हाथ नहीं लगी | हिम्मत हारने ही वाला था कि आपकी पोस्ट पढ ली | अब कल नये सिरे से प्रयास करेंगे |

अब मैं भी अपनी लिनक्स वाली टी-शर्ट पहन कर घूमा करूंगा, शायद कोई सुन्दरी प्रभावित हो जाये |

Shrish said...

"सुश्री कॉर्डिंगली के अनुसार महिलायें उन पुरुषों को ज्यादा पसन्द करती हैं जो कि पेंग्यूइन से प्रेम करते हैं।"

अब तो लिनक्स ट्राई करनी ही पड़ेगी जी, सॉलिड कारण जो मिल गया। :)

DR PRABHAT TANDON said...

वैसे लिनक्स्का का यह प्रचार करने का तरीका कोई बुरा नहीं है । :)

Raag said...

वैसे मुझे मालूम था लेकिन ये बताने का धन्यवाद कि मैं कामुक और भावुक हूँ :)

राजीव said...

उन्मुक्त जी,
इस पोस्ट से तो मैं दुविधा में पड़ गया हूँ। मैं तो लिनक्स प्रेमी, समर्थक और उपयोगकर्ता रहा हूँ पिछले एक दशक से, परंतु इस पोस्ट के बाद में तो विचार करना पड़ेगा।

चिन्टू said...

उन्मुक्त जी,
आपके चिट्ठो को पढने के लिए तो टाईम निकालना पडेगा। हमने तो सिफृ मन रखने कि लिए लिखना शुरू किया था। पर अब तो मजा आने लगा है। आैर फिर ऊपर से आप जैसे लोगो का साथ मिल जाए तो क्या कहना

चिन्टू said...

उन्मुक्त जी,
आपके चिट्ठो को पढने के लिए तो टाईम निकालना पडेगा। हमने तो सिफृ मन रखने कि लिए लिखना शुरू किया था। पर अब तो मजा आने लगा है। आैर फिर ऊपर से आप जैसे लोगो का साथ मिल जाए तो क्या कहना

Ankit said...

Unmukt Ji, Mera kya Hoga mai to Abhi Balak Hokar hi Linux Use Karta Hun?

Post a Comment

आपके विचारों का स्वागत है।