![]() |
कानून के विद्यार्थियों को सलाह
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।। इंटर्नशिप, संवाद, और नेटवर्किंग।। तकनीक, एआई, और आसिमोफ की कहानी से सबक।। मौज-मस्ती जरूरी है।।
This post can be read in English here.
सारांश: यह 'कानून के विद्यार्थियों को सलाह' श्रृंखला की आखिरी चिट्ठी है। इसमें उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह है।
बांये से: अनिल त्रिवेदी, नीरज कुमार और मैं - विश्वविद्यालय के दिनों की स्थायी दोस्ती - इलाहाबाद रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म १९७०
कानून के विद्यार्थियों को सलाह
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।। इंटर्नशिप, संवाद, और नेटवर्किंग।। तकनीक, एआई, और आसिमोफ की कहानी से सबक।। मौज-मस्ती जरूरी है।।
This post can be read in English here.
![]() |
| एआई से बना चित्र |
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।। इंटर्नशिप, संवाद, और नेटवर्किंग।। तकनीक, एआई, और आसिमोफ की कहानी से सबक।।
This post can be read in English here.
मेरे पिता, वीरेन्द्र कुमार सिंह चौधरी, अपने विद्यार्थी जीवन में
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।।
This post can be read in English here.
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।।
इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है।
सारांश: इस चिट्ठी में इस बात की चर्चा है कि संचार के लिये, विषय के बारे में, स्पष्टता जरूरी है।
![]() |
२०१९ के संविधान दिवस पर मुझे गुजरात उच्च न्यायालय में बोलने का मौका मिला था। यह चित्र उसी समय का है। वह भाषण यहां सुना जा सकता है। |
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।।
इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है।
१६०५ में छपे हैमलेट नाटक का पहला पेज। इस नाटक के उद्धरण से, इस चिट्ठी की बात समझायी गयी है। चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। बात कहने का महत्वपूर्ण बिन्दु।।
इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है।
सारांश: इस चिट्ठी में, इस बात की चर्चा है कि अपनी बात, दूसरों का समझाने की कला (कम्युनिकेशन) को, किस तरह से बेहतर किया जा सकता है।
जब मैं वकील बना, तो मैं अखबारों और पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिखा करता था। बाद में उन्हें 'A Lawyer's World and Childhood Dreams' नाम से पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया। यह पुस्तक के पहले संस्करण का ऊपर का पेज है। इसमें कई लेख, इस चिट्ठे पर उपलब्ध हैं।
भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।
इस चिट्ठी को अंग्रेजी में यहां पढ़ा जा सकता है।
सारांश: कानूनी दुनिया में, बावन साल बिताने के बाद, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि कानून के छात्रों के लिए, मेरे पास क्या सलाह है। मैंने सोचा कि इसे लिखना अच्छा रहेगा। यहाँ इस श्रंखला की पहली चिट्ठी है जो इसकी भूमिका और कानूनी दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़रूरी अहर्ता की चर्चा करती है।
![]() |
| गुरू घासी दास विश्वविद्यालय में कानून के विद्यार्थियों के बीच एक सेमिनार में। मेरे बांयी तरह विश्वविद्यालय के कुलाधिपती प्रोफेसर माधव मेनन दायीं तरफ वहां के कुलपति। |
भूमिका और सबसे मुख्य बात।।
The English version of the post may be read here.