Friday, November 27, 2009

वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम

सैमुएल लाइबोविट्ज़, २०वीं शताब्दी के दूसरे चतुर्थांश में अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध वकील थे। 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला की इस चिट्ठी में, उनके जीवन पर लिखी पुस्तक 'कोर्टरूम' के बारे में चर्चा है।

'डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े' श्रृंखला की कड़ी 'यदि विकासवाद जीतता है तो ईसाइयत बाहर हो जायेगी' में, मैंने वकील क्लेरेन्स डैरो (Clarence Darrow) की चर्चा की थी। उनका जन्म १८ अप्रैल, १८५७ को हुआ था। उन्न्नीसवी शताब्दी के अंत होते होते वे अमेरिका के सबसे जाने माने वकील के रूप में स्थापित हो गये थे। उनका सितारा उदय हो चुका था। उसी समय एक अन्य वकील, सैमुएल लेबो (Samuel Lebeau) का जन्म १४ अगस्त १८९३ में रोमानिया में हुआ।

१८९७ में सैमुएल के पिता अमेरिका आ गये। वहां लोगों की सलाह पर सैमुएल के पिता ने अपने नाम का अमेरिकीकरण कर लिया—लेबो की जगह वे लाइबोविट्ज़  (Leibowitz) हो गये।

सैमुएल को विद्यार्थी जीवन में,  वक्तृत्व (elocution) और वाद विवाद प्रतियोगिताएं (debate) बेहद पसन्द थे। इसमें, वे हमेशा आगे रहते थे। पिता के सुझाव पर  सैमुएल ने   वकील बनने की ठानी और कानून की शिक्षा कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पूरी की।

बीसवीं शताब्दी के पहले चतुर्थांश के अन्त होते होते सैमुएल ने अपना नाम  अमेरिका के जाने माने फौजदारी  के वकील के रूप में स्थापित कर लिया।  दूसरे चतुर्थांश  में वे अमेरिका में फौजदारी के सबसे प्रसिद्व वकील हो गये। १९४१ में  उन्होंने न्यायाधीश बनना स्वीकार कर लिया। न्यायधीश के रूप में वे जल्दी गुस्सा हो जाते थे। इसलिये वे बाद में कुछ विवादास्पद हो गये थे। उनकी मृत्यु ११ फरवरी, १९७८ में हो गयी।


 सैमुएल लाइबोविट्ज़ एवं उनकी पत्नी अपने पौत्र के साथ खेलते हुऐ - चित्र लाइफ पत्रिका के इस सौजन्य से। 

१९५० में, क्वेंटिन रिनॉल्डस् (Quentin Reynolds) ने सैमुएल की जीवनी,  कोर्टरूम (Courtroom) नामक पुस्तक में लिखी है। यह वकीलों के द्वारा लिखी गयी आत्मकथा या उनकी बारे में लिखी जीवनियों में सबसे अच्छी लिखी पुस्तक है। यह पुस्तक न केवल हर वकील को, पर प्रत्येक व्यक्ति के  पढ़ने योग्य है। बहुत से लोग, वकीलों के बारे में अच्छे विचार नहीं रखते हैं। यह पुस्तक उनके नजरिये को बदलेगी।

अगली बार बात करेंगे सैमुएल को पहला मुकदमा कैसे मिला और उसमें क्या हुआ।
इस चिट्ठी को आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इन फाइलों को आप सारे ऑपरेटिंग सिस्टम में, फायरफॉक्स ३.५ या उसके आगे के संस्करण में सुन सकते हैं। इन फॉरमैट की फाइलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
भी सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें। यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम लिखा है वहां चटका लगायें। इन्हें डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों में से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। इन्हें डिफॉल्ट करने के तरीके या फायरफॉक्स में सुनने के लिये मैंने यहां विस्तार से बताया है

बुलबुल मारने पर दोष लगता है
भूमिका।। वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम।।




पुस्तक समीक्षा से संबन्धित लेख चिट्ठे पर अन्य चिट्ठियां


About this post in Hindi-Roman and English
pichhlee shatabdee mein, samuel leibowitz america ke sabse prasidh vakeel tthe. unkee jevanee per, quentin reynolds ne, 'courtroom' naamak pustak  likhee hai. yeh vakeelon kee sabse achchhee jeevane hai. 'bulbul maarne per dosh lagtaa hai' shrankhla kee is kari mein, isee pustak ke baare mein charchaa hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

Samuel Leibowitz was most famous American  lawyer of the second quarter of the 20th century. Quentin Reynolds has written his biography titled as 'Coutroom'. It is the finest lawyer's biography ever written. This post of my new series 'bulbul maarne per dosh lagtaa hai' is about this book. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द
Samuel Leibowitz, biography, कानून, Law,
book, book, books, Books, books, book review, book review, book review, Hindi, kitaab, pustak, Review, Reviews, science fiction, किताबखाना, किताबखाना, किताबनामा, किताबमाला, किताब कोना, किताबी कोना, किताबी दुनिया, किताबें, किताबें, पुस्तक, पुस्तक चर्चा, पुस्तक चर्चा, पुस्तकमाला, पुस्तक समीक्षा, समीक्षा,
Hindi,
Hindi Podcast, हिन्दी पॉडकास्ट,



Reblog this post [with Zemanta]

8 comments:

  1. बहुत से लोग, वकीलों के बारे में अच्छे विचार नहीं रखते हैं।

    ऐसा तो हर व्यवसाय में अनुभव होता है।

    पुस्तक की जानकारी हेतु आभार,
    अगली पोस्ट की प्रतीक्षा

    ReplyDelete
  2. रोचक! शायद मेरे विचार बदलें वकीलों के बारे में! देखता हूं भारत में पेपरबैक्स में मिलती है या नहीं।

    ReplyDelete
  3. सैमुएल के बारे में जानकारी के किये शुक्रिया!

    ReplyDelete
  4. बहुत आभार इस पुस्तक के विषय में जानकारी का.

    ReplyDelete
  5. मैं फ्लिप कार्ट में खोजती हूँ किताब.

    ReplyDelete
  6. i have read already this book. really a nice concept and great work with words...

    thanks...

    http://ab8oct.blogspot.com/
    http://kucchbaat.blogspot.com/

    ReplyDelete
  7. अच्छी पुस्तक और बेहतरीन समीक्षा.

    ReplyDelete

आपके विचारों का स्वागत है।