Thursday, July 26, 2018

कॉनन डॉयल फॉर द डिफेंस

शर्लॉक होम्स को किसने नहीं पढ़ा - बचपन आर्थर कॉनन डॉयल द्वारा उस पर लिखी गई कहानियों को पढ़ने में बीता। लेकिन इस किरदार के प्रेरणासोत्र, डॉक्टर जोसेफ बेल थे।
बज़ार में मार्गलिट फॉक्स द्वारा लिखित एक नयी पुस्तक 'कॉनन डॉयल फॉर द डिफेंस' आयी है। यह एक ऐसे मामले के बारे में आयी है जहां कॉनन डॉयल शामिल थे और मैंने सोचा कि इस पुस्तक और शर्लॉक होम्स किरदार के प्रेरणासोत्र, डॉक्टर जोसेफ बेल के बारे में लिखना अच्छा होगा। 
इस चिट्ठी में पहले पुुस्तक के बारे में।


बाज़ार में, मागालिट फॉक्स द्वारा लिखित एक नई पुस्तक 'कॉनन डॉयल फॉर द डिफेंस' नाम से आयी है। यह एक वास्तविक जीवन घटना के बारे में है।

दिसंबर १९०८ में, एक अमीर 82 वर्षीय  अविवाहिता - मैरियन गिलक्रिस्ट की, उनके घर में हत्या कर दी गई थी। घर से, एक मूल्यवान हीरे का जड़ाऊ पिन गायब था। इस सिलसिले में,  एक यहूदी आप्रवासी ऑस्कर स्लेटर को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई। सज़ा का कारण, उनके दोषी होने के जगह यहूदी विरोधी भावना थी। बाद में सज़ा, यह जीवन कारावास में बदल दी गयी।


सत्रह साल बाद, उसी जेल एक अभियुक्त रिहा हुआ। स्लेटर ने उसके साथ, शर्लॉक होम्स किरदार के रचियता  आर्थर कॉनन डॉयल से सहायता के लिए अनुरोध किया। यह पुस्तक, डॉयल के द्वारा, स्लेटर को न्याय दिलवाने में,  सहायता के बारे में है।


डॉयल ने न केवल स्लेटर की मदद की पर इससे  पहले, उन्होंने अर्ध-ब्रिटिश, अर्ध-भारतीय सॉलिसिटर जॉर्ज एडलजी के क्षमादान में भी योगदान दिया था। एडलजी को एक टट्टू अपंग करने का दोषी ठहराया गया था। इस पर जुलियन बार्नस ने 'आर्थर & जॉर्ज' नामक पुस्तक लिखी है।


डॉयल के प्रयासों ने, न केवल एडलजी की सहायता की, पर आपराधिक न्याय प्रणाली में भी सुधार किया।   इंग्लैंड में आपराधिक अपील की अदालत की स्थापना १९०७ में हुई। इसको बनाने के दिये कारणों में, एक कारण एडलजी जैसे  मुुकदमें में हुऐ अन्याय को दूूर करना था। 

शर्लक होम्स आज तक का सबसे प्रसिद्ध काल्पनिक किरदार है। उसकी कहानियां जासूसी शैली में सर्वश्रेष्ठ हैं। इस समय भी होम्स की कहानियां लोकप्रिय है। १९८० के अन्त या फिर १९९० के शुरू में, उस पर दूरदर्शन में 'एडवेन्चरस ऑफ शर्लॉक होम्स' नाम की पर श्रृंखला भी आयी।

बीबीसी ने 'शर्लॉक होम्स' और सीबीएस ने 'एलिमेंटरी' नाम से श्रृंखलायें बनायी हैं। यह  उनकी कहानियों का आधुनिक अनुकूलन है। दोनों २१वीं शताब्दी में स्थापित हैं और देखने लायक हैं।  


लेकिन, कैनन डॉयल प्रशिक्षण से तो चिकित्सक थे।  उन्होंने किस तरह इस तरह के किरदार का निर्माण किया; उन्हें कहां से यह प्रेरणा मिली? यह अगली बार।
 
About this post in Hindi-Roman and English

is post mein, Margalit Fox kee likhee pustak 'Conan Doyle for the Defense' kee charchaa hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post of Hindi (Devanagari script) talks about the book  'Conan Doyle for the Defense' by Margalit Fox.  You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द  
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