Friday, December 12, 2008

क्या लोग हिन्दी में भी ब्लॉग लिख रहे हैं?

सिक्किम यात्रा की इस कड़ी में, सिलीगुड़ी और बागडोगरा हवाई अड्डे का वर्णन है।

हम लोग सिल्लीगुड़ी शाम को पहुंच गये। जिस जगह हम लोग ठहरे थे उस जगह का नाम चंपा साड़ी बताया गया। थोड़ी देर बाद मैने वहां पर साइबर कैफे ढूंढना शुरू किया। यहां पर सब्जी मंडी है और केवल एक साइबर कैफे। साइबर कैफे के काउंटर पर युवती बैठी थी। वहां ५-६ कंप्यूटर रखे हुए थे। मैंने उससे पूछा कि क्या कोई लिनेक्स पर है। उसका जवाब सवाल में था,
'यह लिनेक्स क्या होता है?'
वहां केवल विन्डोज़ थी। उसे नहीं मालुम था कि लिनेक्स भी ऑपरेटिंग सिस्टम होता है। मैंने उसे ओपेन सोर्स पर छोटा सा भाषण दिया। मालुम नहीं कितना समझ में आया पर कम से कम एक और को कुछ तो ओपेन सोर्स के बारे पता चला। सबसे अच्छी बात यह थी कि फायरफॉक्स वेब ब्रॉउज़र था। इसीलिए मुझे काम करने में मुश्किल नहीं हुई। मैंने अपनी ईमेल चेक की। कुछ का जवाब भेजा। वहां पर २०रू० प्रति घंटा पैसा लिया जाता था और मुझे ३० देने पड़े क्योंकि मैं लगभग १.३० घंटा अन्तरजाल पर था।


उनके कम्पूटर में पुराना फायरफॉक्स था। मैंने उस युवती से कहा कि उसमें नया फायरफॉक्स डाल ले क्योकिं इसमें हिन्दी की मात्रायें ठीक प्रकार से नहीं दिखाई पड़ती हैं। उस युवती ने मुझसे पूछा,
'क्या लोग हिन्दी में भी ब्लॉग लिखते हैं?'
मैंने कहा हां बहुत सारे लोग हिन्दी में कर रहे है और यह तो बंगाली में भी लिखा जा सकता है।


अगले दिन हम लोग बागडोगरा हवाई अड्डा पहले पहुंच गये थे। यहां से ही हमें हवाई जहाज पकड़ना था। यहां काफी पर्यटक आते हैं। इसलिये इसे बढ़िया बनाया गया है। मैंने इसका एक चक्कर लिया। एक जगह तरह-तरह की चाय की पत्ती बिक रही थी। इस दुकान पर patent शब्द लिखा था। मैंने दुकानदार से कहा,
'पेटेंट तो कानून का शब्द है क्या कोई चाय पेटेंट करा रखी है।'
उसने जवाब दिया,
'नहीं, वर्तनी गलत हो गयी है। यह शब्द patient है। मैं एक तरह की चाय की पत्ती बेचता हूं जो कि डायबटीस् के बिमारों के लिये उत्तम है।'
मैंने सबसे अच्छी चाय का दाम पूछा तो एक छोटे से पैकेट ९०० रूपये बताया। इस पैकट के द्वारा केवल १० कप चाय बन सकती थी यानि एक कप चाय में केवल चाय की पत्ती का दाम ९० रूपये - बाप रे बाप। मैंने उससे सस्ती चाय का पैकेट (१० लोगों के लिये) १२० रूपये का लिया। हमारे हवाई जहाज का समय हो चुका था और हम वापस उड़ लिये।


इस श्रंखला की अगली कड़ियों में सिक्किम के बारे बात करेंगे जैसा मैंने उसको देखा, समझा। सबसे पहले, वहांं ट्रैफिक नियमों का पालन के बारे में।


सिक्किम यात्रा
क्या आप इस शख्स को जानते हैं?।। सिक्किम - छोटा मगर सुन्दर।। गैंगटॉक कैसे पहुंचें।। टिस्ता नदी (सिक्किम) पर बांध बने अथवा नहीं।। नाथुला पास – भारत चीन सीमा।। क्या ईसा मसीह सिल्क रूट से भारत आये थे।। मंदाकिनी झरना - 'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म वाला।। सात राजकुमारियां, जिन्होंने प्रकृति से शादी कर ली।। तारीफ करूं क्या उसकी जिसने तुझे बनाया।। फूलों के रंग से ... लिखी ... पाती।। मस्का नहीं, मस्कारा कैसे लगायें और मस्का पायें।। सिक्किम में, क्या लड़कियां की संख्या, लड़कों से ज्यादा हैं?।। क्या नेपाली लड़कियों के लिये कुछ भी मुश्किल नहीं है?।। क्या आपको मालुम है कि सबसे अच्छा वक्तिगत कैक्टस का बगीचा कहां है?।। क्या लोग हिन्दी में भी ब्लॉग लिख रहे हैं?।। सिक्किम में ट्रैफिक नियमों का पालन।। सिक्किम में महिलाओं की स्थिति।।


is post per siliguri aur bagdogra airport ke baare mein charchaa hai. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is talks about siliguri and Bagdogra airport. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
siliguri, bagdogra airport, सिलीगुड़ी, बागडोगरा हवाई अड्डा
Travel, Travel, travel and places, Travel journal, Travel literature, travel, travelogue, सिक्किम, सैर सपाटा, सैर-सपाटा, यात्रा वृत्तांत, यात्रा-विवरण, यात्रा विवरण, यात्रा संस्मरण,

8 comments:

  1. अच्छा लगा यह अनुभव .
    अभी भी भारतीय जनमानस हिन्दी को तकनीकी कामों की भाषा मानने में संकोच ही करता है.

    ReplyDelete
  2. यात्रा विवरण अछा लगा. आभार.

    ReplyDelete
  3. फायरफॉक्स वेब ब्रॉउज़र था। इसीलिए मुझे काम करने में मुश्किल नहीं हुई।

    एक्सप्लोरर में कौन से मुश्किल होती?


    वैसे हमारा ब्राउजर भी हिन्दी फायर फोक्स है, यह बात अलग है.

    ReplyDelete
  4. ajit gupte2:29 pm

    हिन्दी में लिख ही नही रहे हैं उन्मुक्त से लोग लिखा भी रहे हैं अभी एक ब्लॉग पर पता चला की उसे अपने ही हिन्दी में शुरू करवाया

    ReplyDelete
  5. आप की हर कड़ी से कुछ न कुछ नयी जानकारी मिलती है।

    ReplyDelete
  6. मुझसे भी लोग मिलते हैं और मेरे कमरे में नेट पर हिन्दी देख कर आश्चर्य चकित होते हैं!

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छा यात्रावृतं

    ReplyDelete
  8. sundar blog bahot hi maja aaya ....achhi jankari prapt hui...dhanyawad...

    ReplyDelete

आपके विचारों का स्वागत है।