Sunday, August 03, 2008

क्या ईसा मसीह सिल्क रूट से भारत आये थे

मैंने पिछली चिट्ठी पर वायदा किया था कि नथुला पास में कुछ ऐसा पता चला, जिसने मुझे हिन्दी चिट्ठाजगत पर पूछे गये सवाल - क्या ईसा मसीह ने भारत आकर अध्यात्मक शिक्षा ली - की याद दिला थी। इस चिट्ठी पर उसी बात यानि - सिल्क रूट - की चर्चा है और इसी के साथ चिट्ठाजगत पर पूछे गये सवाल का जवाब है।

सिल्क रूट क्या है?
पुराने समय में चीन भारत और पश्चिमी देशों के बीच रेश्म का व्यापार हुआ करता था। यह कई रास्तों से जाता था। इन्हें 'सिल्क रूट' कहा जाता था। इसमें एक रास्ता नथुला पास होकर जाया करता था। १९६२ में भारत - चीन युद्व के बाद यह रास्ता बंद कर दिया। यह पुन: ६ जुलाई २००६ में खोला गया। इस रास्ते से पुनः व्यापार हो रहा है। हमें वहां चीन के कई ट्रक मिले जिसमें चीन से समान भारत आया था।


नथुला पास जाने पर ५० रुपये में आप को सर्टिफिकेट मिल सकता है कि आप नथुला पास गये थे। यह कोई भी बनवा सकता है। आपको केवल पैसे देने पड़ते हैं आप जो नाम चाहें वह दे सकते हैं। देखिये अब तो आपको विश्वास हो गया न कि मैं भी वहां गया था। यह सर्टिफिकेट एक सुन्दर से फोल्डर के अन्दर रख कर मिलता है।
इस फोल्डर के अन्दर के हिस्से में सिल्क रूट का नक्शा बना है और इसके बारे में सूचना लिखी है। मुझे सिल्क रूट से ही हिन्दी चिट्ठाजगत पर पूछे गये सवाल की याद आयी थी।

क्या ईसा मसीह ही सेंट ईसा (Saint Issa) थे और भारत आये थे?
निकोलस नोतोविच (Nicolas Notovitch) एक रूसी अन्वेषक था। उसने कुछ साल भारत में बिताये। बाद में, उन्होने फ्रेंच भाषा में 'द अननोन लाइफ ऑफ जीज़स क्राइस्ट' (The unknown life of Jesus Christ) नामक पुस्तक लिखी है।

निकोलस नोतोवच का चित्र विकिपीडिया से और उसी की शर्तों में
Book cover of पुस्तक के कवर का चित्र अमेज़ॉन से
निकोलस के मुताबिक यह पुस्तक हेमिस बौद्घ आश्रम (Hemis Monastery) में रखी पुस्तक (The life of saint Issa) पर आधारित है। उस समय हेमिस बौद्घ आश्रम लद्दाक के उस भाग में था जो कि भारत का हिस्सा था। हांलाकि इस समय यह जगह तिब्बत का हिस्सा है। यह आश्रम इसी तरह के सिल्क रूट पर था।

यह रहस्य की बात है कि ईसा मसीह ने १३ साल से ३० साल तक क्या किया। इस पुस्तक के आधार पर निकोला का कहना है कि,
  • इन सालों में ईसा मसीह सिल्क रूट के द्वारा भारत आये थे
  • उन्होंने यहां में बौद्घ धर्म पढ़ने में बिताया,
  • उसके बाद बौद्घ धर्म से प्रेरित होकर धर्म की शिक्षा दी।
मुझे धर्म के बारे में कम ज्ञान है में नहीं जानता कि बौद्घ धर्म और इसाई धर्म में संबंध है अथवा नहीं। मैं इतिहास का भी अच्छा जानकार नहीं हूं। मैं नहीं कह सकता कि,
  • यह कहानी सच है अथवा नहीं?
  • ईसा मसीह वास्तव भारत आए थे अथवा नहीं?
  • ईसा मसीह ने बौद्घ धर्म की शिक्षा ली थी अथवा नहीं?
  • ईसाई धर्म बौद्घ धर्म से प्रेरित है अथवा नहीं?
पर मैं इतना अवश्य जानता हूं कि इस पुस्तक के बारे में विवाद है और इस तरह के विवाद का संतोषजनक जवाब दे पाना मुश्किल है। आपमें किसी को अच्छा ज्ञान हो तो बतायें।

'बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां' की अगली कड़ी मे हम लोग तारों की बात करेंगे और सिक्किम यात्रा की अगली कड़ी मे बात होगी नथुला पास से लौटते समय हम लोग कहां गये थे।

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। बेथलेहम का तारा क्या था।। बेथलेहम का तारा उल्कापिंड या ग्रहिका नहीं हो सकता।। पिंडों के पृथ्वी से टक्कर के कारण बने प्रसिद्ध गड्ढ़े।। विज्ञान कहानियां क्या होती हैं और उनका मूलभूत सिद्धान्त।। विज्ञान कहानियों पर पुरुस्कार।। उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में।। धूमकेतु या पुच्छल तारा क्या होते हैं।। हैली धूमकेतु।। पुच्छल तारों पर लिखी विज्ञान कहानियां।। बेथलेहम का तारा - ग्रह पास आ गये थे।। ग्रहण पर आधारित कहानियां।। जब रात हुई।। क्या ईसा मसीह सिल्क रूट से भारत आये थे

सिक्किम यात्रा
क्या आप इस शख्स को जानते हैं?।। सिक्किम - छोटा मगर सुन्दर।। गैंगटॉक कैसे पहुंचें।। टिस्ता नदी (सिक्किम) पर बांध बने अथवा नहीं।। नाथुला पास – भारत चीन सीमा।। क्या ईसा मसीह सिल्क रूट से भारत आये थे ।।

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
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silk route natu la pass pr hai. is post per yhan ke baare mein charchaa hai. yeh bhi bataaya gayaaa hai ki kya jesus christ is raste se bharat aaye the. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.
This post talks about silk rute at Natu la pass and discusses if Jesus Chrish had come to India by this route. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द

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8 comments:

  1. सार्टीफिकेट तो सचमुच जोरदार है !
    मुझे नही लगता कि बौद्ध धरम और ईसाई धर्म में साम्य है -बौद्ध धर्म ईशवर की सत्ता को इन्कारता है जब कि ईसाई धर्म में ईस्वर आज भी गहरे आसन जमाये बैठे हैं -हाँ करुणा और प्राणी मात्र के प्रति दया भाव में दोनों धर्म काफी साम्य रखते हैं -अगर ईसा भारत आए भे होंगे तो सनातन वादियों से जरूर प्रभावित रहे होंगे और दीक्षा हिंदू धर्म की लिए होंगे -मेरी भे यह फंतासी ही है -इतिहास में रूचि तो है मगर अध्ययन अत्यल्प !

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  2. क्राइस्ट के बारे में तो कहना कठिन है, पर महान आत्माओं ने लम्बी यात्रायें की हैं जरूर।

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  3. जानकारी अच्छी है लेकिन अधुरी है अधिक जानकारी के लिये
    पढें किताब :- क्रिश्चचानिटी कृष्ण नीति है

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  4. संजय तिवारी10:18 am

    आपने तो पूरा शोध कर डाला है.

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  5. bhut badhiya link kiye hai. mujhe ye sab padhane ka bhut din se man tha. ab aaram se padh lugi. aabhar.

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  6. bahut bahut aabhar itani badhiya jankari ke liye.

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  7. ओशो का मानना था की ईशा की कब्र भी भारत के कश्मीर में अवस्थित है, अन्य कई लोगो का भी यही मानना है, मगर मृत्यु के बाद उनका परमेश्वर के पास जाने वाली थ्योरी गलत न हो इसलिए इस ओर खोज नहीं हो रही.

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  8. जो भी हो... बात तो मस्त है ही... आप मैं फ्रॉम अर्थ भी देखिये.

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