Saturday, March 08, 2014

वन, वृक्ष, और जैव विविधता का संरक्षण - आवश्यक

इस चिट्ठी में, सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा निर्णीत किया गया टी.एन.गोदावर्मन थिरूमुल्कड विरुद्ध भारत संघ १९९७ (२) SCC २६७ (गोदावर्मन केस) तथा उसमें प्रतिपादित सिद्धान्त की चर्चा है।


टी.एन.गोदावर्मन थिरूमुल्कड विरुद्ध भारत संघ १९९७ (२) SCC २६७ (गोदावर्मन केस), वन संरक्षण एवं पेड़ों को बचाने के लिये  महत्वपूर्ण निर्णय है। उच्चतम न्यायालय ने, इस केस में महत्वपूर्ण फैसला दिया कि,
  • वन्य संरक्षण अधिनियम, १९८०, वनोन्मूलन को रोकने के लिये लागू किया गया था। यह सारे वनों पर लागू होता है चाहे उसका स्वामित्व किसी के पास हो या उसका कुछ भी वर्गीकरण हो।
  • सारे वनों में—चाहे वह वन संरक्षित, या निजी, या नामित हों—किसी भी तरह की वन विरोधी गतिविधि करने के पहले, भारत सरकार का पूर्व अनुमोदन लेना आवश्यक है।
  • वनोन्मूलन से पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न होता है। इसलिये वन, वृक्ष, और जैव विविधता का संरक्षण करना आवश्यक है।
अगली बार, हम लोग ओलियम गैस लीकेज़ केस के बारे में बात करेंगे। 

उन्मुक्त की पुस्तकों के बारे में यहां पढ़ें। 

हरित पथ ही राजपथ है   
भूमिका।। विश्व पर्यावरण दिवस ५ जून को क्यों मनाया जाता है।। टिकाऊ विकास और जनहित याचिकाएं क्या होती हैं।। एहतियाती सिद्घांत की मुख्य बातें क्या होती हैं - वेल्लौर केस।। नुकसान की भरपाई, प्रदूषक पर - एन्वायरो एक्शन केस।। राज्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षणकर्ता है।। वन, वृक्ष, और जैव विविधता का संरक्षण - आवश्यक।।

About this post in Hindi-Roman and English
This post, in Hindi (Devanagari script) talks about 'TN Godavarman vs Union 19997 (2) SCC 267 (the Godavarman case) and the principles decided therein. You can read it in Roman script or any other Indian regional script as well – see the right hand widget for converting it in the other script. 

hindi (devnaagree) kee is chitthi mein  'TN Godavarman vs Union 19997 (2) SCC 267 (the Godavarman case) mukdmen aur usmen pratipadit sidhant kee charchaa hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

6 comments:

  1. वन्य संरक्षण अधिनियम, १९८०
    अद्यतन संशोधनों पर भी फुर्सत में कभी प्रकाश डालें

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  2. लेकिन संरक्षण है कहाँ। किताबों तक।

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  3. वन बचाने की दिशा में सुदृढ़ सिद्धान्त, पर अनुपालन एक समस्या है।

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  4. आपकी इस प्रस्तुति को आज कि फटफटिया बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  5. shweta2:12 pm

    Out of given 3 points only first one is command , rest two are just guidelines. Needless to say guidelines are often ignored. Thanks to remind those. Nice post .

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  6. जी जानकारी देता आलेख पर जब तक हर एक व्यक्ति को वन की चिंता नहीं होगी तब तक नियम कानून चाहे जितने बन जाए पर नतीजा मनमाफिक नहीं होगा

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