Wednesday, March 04, 2009

हिन्दुस्तानी, बिल्लियों से क्यों डरते हैं

साउथ अफ्रीका की यात्रा विवरण की इस कड़ी में, उम्भाबा लॉज़ की साक़ियः (lady bartender) की नज़रो से वहां के जीवन के बारे में चर्चा है।

क्रुगर पार्क में, शाम की सफारी लगभग ८ बजे रात को समाप्त हुई और हम लोग वापस अपनी उम्भाबा लॉज़ में वापस आ गये।
उम्भाबा लॉज़ में हमारे कमरे का दृश्य


इस ट्रिप में सुबह का नाश्ता और रात का खाना मुफ्त था। दोपहर के खाने के समय हम घूमते रहते थे। इसलिये घूमने की जगह ही खाने की बात थी। नाश्ते में हमेशा फलों का रस रहता था पर रात के खाने में न तो रस रहता था न ही पानी।  वे लोग चाहते हैं  कि रात के  खाने के समय लोग शराब या वाइन लें। साउथ अफ्रीका के प्रत्येक रेस्ट्रां में बार रहता था।  उम्भाबा लॉज में भी था। उसे एक महिला देख रही थी। वह उसकी साक़ियः थी। रात के भोजन के समय, वह महिला हमारी टेबल पर आयी और पूछा,
'क्या कोई  ड्रिंक लेना पसन्द करेगें?'

उम्भाबा लॉज़ में हमारे कमरे की बालकनी से बाहर का दृश्य

हमने बताया कि हम शराब नहीं पीते हैं पर क्या वह हमारे लिये मॉकटेल (Mocktail) बना सकती है। भारत में यह शब्द प्रचलित है पर लगता है कि वहां नहीं है। उस महिला ने यह शब्द कभी नहीं सुना था। उसने पूछा यह क्या होता है मैंने उसे बताया,
'कॉकटेल में  शराब डालते हैं। मॉकटेल में शराब की जगह जूस डालते हैं और इसे सोडा के साथ बनाया जाता हैं। चूंकि इसमें शराब नहीं होती है इसलिये इसे मॉकटेल कहते है। भारत में पार्टियों में यह अक्सर ली जाती है। अगली बार जब कोई भारतीय उनके लॉज़ में रुके और शराब न पीना चाहे तो  वह उनसे यह पीने के लिये पूछ सकती है।'


वह महिला मेरे लिये एक मॉकटेल बना कर लायी। यह उसने पहली बार किया था। इसलिये यह उतनी अच्छी नहीं बनी थी जैसा कि भारत में दावतों या रेस्ट्रां में पीने को मिल जाती है।
 

उम्भाबा लॉज़ में एक  काली और सफेद रंग की बिल्ली  थी। मैं उसको कुछ खिला रहा था तो उस महिला ने मुझसे पूछा,

'क्या आपको डर नही लगता है। क्योंकि  भारतीय लोग  बिल्ली से डरते है। जब भी वे हमारे लॉज़  में ठहरते है तो हमें बिल्ली को बंद करके रखना होता है।'

मैंने कहा,
'मैने हमेशा जानवर पाले हैं। हमारे यहां तरह तरह के जानवर रहे हैं इसलिए मैं बिल्ली से नहीं डरता। हालांकि बिल्ली से थोड़ा घबराता हूं क्योंकि मैंने कभी भी बिल्ली नहीं पाली है। यदि साउथ अफ्रीका में बिल्ली ने काट लिया तो मै क्या करूंगा।  भारत में बिल्ली नहीं पाली जाती है पर कुत्ते पाले जाते हैं इसलिए भारतीय लोग बिल्ली से घबराते हैं पर कुत्तों से नहीं।'

महिला ने  कहा कि यह बिल्ली पालतू है और तंग नहीं करती है। उसने मुझसे यह भी बताया कि,

'बिल्ली  पालन बहुत आसान है इनकी सफाई नहीं करनी पड़ती है और बिल्ली को खाना देने की जररूत नहीं है वह अपना खाना खुद ढूंढ लेती है।'

मैं अपने मित्रों के लिये वाइन लेना चाहता था। मैंने उससे वहां की अच्छी वाइन के बारे में पूछा। उसने कहा,
'आप लॉज़ से वाइन मत लीजिये यह महंगी पड़ेगी। आप बाज़ार से १९९६ में बनी कोई भी वाइन ले लीजिये क्योंकि उस साल अंगूर की फसल सबसे अच्छी हुई थी और उस साल की बनी वाइन सबसे बेहतरीन है।'
मैंने, वाइन, हवाई अड्डे से ली पर १९९६ की बनी वाइन नहीं मिल पायी।


हम लोग न केवल थके थे पर जोर की भूख भी लग रही थी। खाना खा कर ज्लदी सोने चले गये। हमें अगले दिन क्रुगर पार्क में, सुबह की सफारी लेनी थी।

अफ्रीकन सफारी: साउथ अफ्रीका की यात्रा 
झाड़ क्या होता है? - अफ्रीकन सफारी पर।। साउथ अफ्रीकन एयर लाइन्स और उसकी परिचायिकायें।। मान लीजिये, बाहर निलते समय, मैं आपका कैश कार्ड छीन लूं।। साउथ अफ्रीका में अपराध - जनसंख्या अधिक और नौकरियां कम।। यह मेरी तरफ से आपको भेंट है।। क्रुगर पार्क की सफाई देख कर, अपने देश की व्यवस्था पर शर्म आती है।। हम दोनो व्यापार कर बहुत पैसा कमा सकते हैं।। फैंटम टार्ज़न ... यह कौन हैं?।। हिन्दुस्तानी, बिल्लियों से क्यों डरते हैं।।


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is post per umbhaba lodge hazyview south africa kee saakiyh se baatcheet kee charchaa hai. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post describes views women bartender at Umbhaba lodge Hazyview South Africa. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
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12 comments:

  1. आप के आलेखों में हर बार कुछ न कुछ नया सीखने को मिल जाता है। इस बार मैं ने मॉकटेल के बारे में जाना।

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  2. क्रूगर पार्क का विडियो देखा था हमने. भैंसों द्वारा शेरोन पर किया गया आक्रमण.चलिए हमें भी लग रहा है कि घूम रहे है. अगली कड़ी के इंतज़ार में.

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  3. बड़ा दिलचस्प रहा आपका साउथ अफ्रीका का वृतांत .वैसे अगर कभी मिले तो ऑटारियो की कोई सी भी वाईन ले लिजियेगा..

    बेहतरीन स्वाद का चौकस वादा..
    फसल हर बरस पहले से ज्यादा. :)

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  4. विश्व् विविधता से भरपूर है !
    अफ्रीकी भूखँड पर लिखा
    हमेशा जिज्ञासा शाँत करता है
    - लावण्या

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  5. मॉकटेल मेने भी पहली वार सुना !साउथ अफ्रीका की यात्रा खुब मजे मै रही, अच्छा रहता आप जहां जहा ठहरे, वहां के लाज का पता, ओर उस का रेट भी लिखते तो सभी लोगो को इस से काफ़ी लाभ मिलता, क्योकि अन्य लोगो को थोडी बहुत जानकारी हो जाती है , इन्टर्नेट पर तो तीन गुणे ज्यादा रेट दिखते है, हम भी सोचते है १०, १५ दिनो के लिये घुम आये.
    आप का धन्यवाद इस सुंदर जानकारी के लिये

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  6. बहुत रोचक जानकारी दी आपने ..माकटेल का नाम सुना था आज जाना यह क्या होता है

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  7. बहुत रोचक जानकारी दी आपने ..माकटेल का नाम सुना था आज जाना यह क्या होता है

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  8. आदरणीय उन्मुक्त जी,
    भारत मे भी बिल्ली पाली जाती है मगर खुशी से नही । मेरी ननद के यहां नागपूर मे एक बिल्ली जबरन घर के सदस्य की तरह ही रहती थी । पूरे घर मे बेखौफ़ घूमती थी ,परिवार के हर सदस्य का कहा मानती थी,हर सदस्य की गोद मे चढ बैठती थी। आने-जाने वालो से भी उसे कोई परहेज नही था। उसके बच्चे भी वही पलते थॆ ,मगर बडे होने पर एक बच्चे को छोड बाकी के साथ घर छोड देती थी, वहाँ मैने उसकी ३ पीढी को देखा।

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  9. नहीं भई, मैं तो बिलकुल नहीं डरता। और आप मेरे हिन्‍दुस्‍तानी होने पर शक करें, मैं इसकी इजाजत आपको हरगिज नहीं दे सकता।

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  10. आपसे जो भी मिलता है वो कुछ न कुछ सीख ही जाता है! :) पहले किसी ने फ़ैन्टम और टार्जन के बारे मे जाना और अब किसी ने "मॊकटेल " बनाना सीखा. :)

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  11. मैंने इस पोस्ट को पढा तो था मगर आश्चर्य है कमेन्ट नहीं किया ! याद भी नहीं रहा नहीं तो अपने माकटेल वाले पोस्ट में जरूर लिंक कर देता -चलिए देर आयद दुरुस्त आयद !

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आपके विचारों का स्वागत है।