Friday, February 19, 2010

क्या 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' हर्पर ली की जीवनी है

स्कॉटस्बॉरो  बॉयज़ ट्रायल में, ९ अश्वेत लोगों पर, श्वेत लड़कियों के साथ बलात्कार करने का मुकदमा ऍलाबामा राज्य में चला था। इस मुकदमे ने हार्पर ली पर असर डाला। उनके द्वारा लिखा उपन्यास, 'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' इसी पर आधारित है।  आज चर्चा करेंगे - इस उपन्यास की कहानी के बारे में और इसके एवं ली के वास्तविक जीवन में समन्वय को भी देखेंगे।

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upright=1.ली, पुस्तक पर बनी फिल्म प्रॉड्यूसर के साथ - चित्र सौजन्य विकिपीडिया

हार्पर ली का जन्म २८ अप्रैल, १९२६ को ऍलाबामा राज्य में हुआ था। ऍलाबामा राज्य अमेरिका के दक्षिण में है उस समय दक्षिण और उत्तर अमेरिका में, अश्वेतों के बर्ताव में   काफी अन्तर था। दक्षिण में नागरिक अधिकारों का उतना महत्व नहीं था। स्कॉटस्बॉरो बायॉज़  के मुकदमे के समय, ली छ: साल की थी। इस मुकदमे ने, उस के जीवन में बहुत कुछ असर डाला। 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' इसी अनुभवों के आधार पर लिखा उपन्यास है। यह कहानी १९३० के दशक की है। यह कहानी है एक बहन स्काउट, उसके भाई जेम और उनके मित्र डिल की।

स्काउट के पिता एटिक्स फिंच एक वकील हैं। बू रैडली उनके रहस्यमय पड़ोसी हैं। इसमें एक अश्वेत व्यक्ति पर एक श्वेत लड़की से बलात्कार का प्रयत्न करने के लिए मुकदमा चलता है। एटिक्स को बचाव पक्ष का अधिवक्ता नियुक्त किया जाता है। इस मुकदमे में यह सिद्ध हो जाता है कि अश्वेत व्यक्ति निर्दोष है और श्वेत लड़की को चोटें,उसके पिता ने ही पहुंचायी थी। फिर भी, अश्वेत व्यक्ति को सजा हो जाती है।  इस मुकदमे के बाद श्वेत लड़की का पिता  स्काउट और जेम को मारने का प्रयत्न करता है। उस समय बू रैडली जो कि अविवेकी के रूप में जाना जाता है उनकी जान बचाता है।

'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' फिल्म में 
एटिक्स की भूमिका में ग्रेगरी पेक और स्कॉट की भूमिका में मैरी बैधम 

बहुत से लोगों  का कहना है कि 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड'  हर्पर ली की जीवनी है पर वे इस बात को तो नकारती है पर यह भी स्वीकारती हैं कि उन्होंने जीवन में जो भी  देखा, उसी को इस कहानी में उतारा है।

लोगों का कहना भी गलत नहीं है क्योंकि वास्तविक जीवन में भी ली का बड़ा भाई और मित्र था।  उसके पिता भी वकील थे और शादी के पहले उनकी माँ का नाम  फिंच था जो कि उपन्यास में इनका सर-नाम है। उपन्यास से में ली का मित्र डिल है और वास्तविक जीवन में उनके मित्र का नाम ट्रूमैन कापाटे था।

उसका पहले नाम ट्रूमैन स्ट्रेकफस परसॉनस् (Truman Streckfus Persons) था। ट्रूमैन, जब चार साल का था तभी उनके माता-पिता में तलाक हो गया। उसकी मां हमेशा अच्छा जीवन जीने की सोचा करती थी। लेकिन तलाक से वह टूट गयी। उसने ट्रूमैन को उनकी आंटी के पास, मॉनरोविले में भेज दिया। वह ली को पड़ोसी था। वहीं उसका लालन पालन हुआ। 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड'  में भी डिल दूसरी जगह से आता है।

ट्रूमैन की मां न्यूयार्क चली गयी जहां उसने दूसरी शादी कर ली। बाद में  ट्रूमैन के सौतेले पिता ने उसे गोद ले लिया जिससे उसका नाम बदलकर  ट्रूमैन कापाते हो गया।

'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' जीवन के दर्शन को कुछ सरल वाक्यों में बताती है। अगली बार मिलेंगे तब इसी के बारे में बात करेंगें।

बुलबुल मारने पर दोष लगता है




About this post in Hindi-Roman and English
is chitthi mein, 'to kill a mockingbird' kee kahaaanee aur ooske avam harper lee ke jeevan ke sath samanvay kee charcha hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padhne ke  liye, daahine taraf, oopar ka widget dekhen.

This post talks about story of 'To Kill A Mockingbird' and compares it with her real life. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.
 
सांकेतिक शब्द
Scottsboro boys trial, Victoria Price, Ruby Bates,
To Kill a Mockingbird, Atticus Finch, Boo Radley, Harper Lee, Truman Capote, Monroe ville
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5 comments:

  1. यह मेरी प्रिय पुस्तक है. "मोबी डिक", "द ग्रेप्स ऑफ राथ", "कैचर इन द राई", "ओल्ड मैं एंड द सी", "ग्रेट गैट्स्बाई", और "फाउन्टेनहेड" भी ऐसी प्रसिद्द पुस्तकें हैं जिनका अमेरिकी मानस और विश्व साहित्य में स्थाई प्रभाव पड़ा है.
    बेहतरीन किताबों के बारे में आपसे अच्छी जानकारी मिलती है.
    कल ही मैंने प्रोफ़ेसर मिशियो काकू की पुस्तक "फिजिक्स ऑफ द इम्पोसिबल" पढनी शुरू की है. क्या आपने यह बुक पढी है?
    मैं कला (विशेषकर चित्रकला) का अध्ययन करने में भी बहुत रुचि लेता हूँ. धैर्य और लगन नहीं होने के कारण मैं सीख नहीं पाया लेकिन इसपर विषयक पुस्तकें खूब पढता हूँ. और आप?

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  2. "You can not have more than one instance of the same flake running in the same page."

    उन्मुक्त जी, उपरोक्त मैसेज आपके ब्लौग पर बार-बार आ रहा है.
    क्या गड़बड़ हो सकती है?
    मैं फायरफौक्स ३.६ चला रहा हूँ विन्डोज़ एक्सपी पर.

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  3. निशांत जी, मैंने "फिजिक्स ऑफ द इम्पोसिबल" नहीं पढ़ी है। पढ़ने के बाद क्या अच्छा हो कि आप इस पुस्तक की समीक्षा करें।

    मैं कह नहीं सकता कि आपके द्वारा टिप्पणी में लिखी सूचना क्यों आ रही है। इसे तो कोई तकनीकी जानकार ही बता सकता है।

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  4. टु किल अ मॉकिंगबर्ड' और उसके सृजन हेतु के बारे में जानकारी के लिए आभार

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  5. मैने तो इन्हें नही पढा है मगर आपकी पोस्ट से पढने की इच्छा जाग्रित हो गयी है। अगली कडी का इन्तज़ार रहेगा। मेरे लिये सौभागय की बात है आप जैसे गुणवान महान लोगों को पढना। शुभकामनायें धन्यवाद्

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आपके विचारों का स्वागत है।