Monday, February 13, 2017

रानी पद्मिनी फिल्म - विवाद

 'रानी पद्मिनी फिल्म - बन्द करो' एक नयी श्रंखला है। इसकी इस कड़ी में, रानी पद्मिनी पर बन रही फिल्म पर उठे विवाद की चर्चा है।

रानी पद्मिनी का चित्र - विकिपीडिया से

रानी पद्मिनी फिल्म - बन्द करो
 रानी पद्मिनी फिल्म - विवाद।। रानी पद्मिनी काल्पना में।। रानी पद्मिनी, अलाउद्दीन और रुमानी दृश्य।। फिल्म का नाम बदलिये।।

संजय भंसाली, रानी पद्मिनी पर फिल्म बना रहे हैं इसके कुछ भाग की शूटिंग जयपुर में भी हुई। इसके दौरान, करनी सेना के लोगों ने आपत्ति की, फिल्म वालों के कैमरे तोड़ दिये और मारपीट की। इनका कहना था कि फिल्म में आलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच कुछ रुमानी दृश्य फिल्माये जा रहे थे जो कि आपत्तिजनक हैं और यह इतिहास के साथ खिलवाड़ है। 

हांलाकि, फिल्म बनाने वाले, इसमें काम करने वाले कलाकार, इस तरह के दृश्य से इंकार करते हैं। उनके मुताबिक इसमें न तो कुछ ऐसा है, न ही फिल्म में इतिहास के साथ खिलवाड़ नहीं किया गया है और लोग फिल्म देख कर गर्व महसूस करेंगें। 

अक्सर इस तरह के विवादों का वास्तविक मकसद, वह नहीं होता जो कि दिखायी पड़ता है पर कुछ और ही होता है। इस तरह के विवाद पर भावनाओं में बहना साधारण बात है और यह विवाद इन भावनाओं को किसी और जगह फायदा मिलने के लिये शुरू किये जाते हैं या फिल्म को मुफ्त में प्रचार मिल जाय, तो कोई नुकसान नहीं। इस विवाद में, मुझे तो कुछ ऐसा ही लगता है :-)

घटना के बाद टीवी, अखबारों की सोशल मीडिया पर अलग अलग तरह से प्रतिक्रिया आई - कुछ का कहना था कि जब पद्मिनी थी ही नहीं तब फिल्म में कुछ तरह से दिखाने में क्या आपत्ति और यह अभिव्यक्ति आज़ादी का हनन है। इसी संदर्भ में कुछ प्रश्न उठते हैं। आइये उन पर एक नज़र डालें और उनके समाधान पर चर्चा करें।

  1. क्या रानी पद्मिनी की कथा काल्पनिक है?
  2. क्या फिल्म में रानी पद्मिनी और अलाउद्दीन के बीच रुमानी दृश्य दिखाये जा सकते हैं?
  3. क्या इन दोनो के बीच रुमानी दृश्य अलाउद्दीन के सपने में दिखाये जा सकते हैं?
  4. क्या लोगों के द्वारा, फिल्म वालों का कैमरा तोड़ना या उनसे मारपीट करना  उचित है?
  5. लोगों की कहना - कि फिल्म का नाम बदल दिया जाय या फिल्म के बनने के बाद, उन्हें दिखा कर, उनकी सहमति के बाद ही प्रदर्शित किया जाय - क्या यह उचित है?
 अगली बार हम लोग चर्चा करेंगे कि क्या रानी पद्मिनी की कथा काल्पनिक है?


 About this post in English and Hindi-Roman
This post in Hindi (Devnagri) is about debate regarding Sanjay Bansali's film on Rani Padmini. You can translate it in any other language – see the right hand widget for converting it in the other script.

Hindi (Devnagri) kee is chhitthi mein, Rani Padmini per ban rahi film per utte vivaad per charchaa hai. Ise aap kisee aur bhasha mein anuvaad kar sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

सांकेतिक शब्द  
Rani Padmini,
Film, Review, Reviewsसमीक्षा, film ,review ,

2 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ब्लॉग बुलेटिन - भारत कोकिला से हिन्दी ब्लॉग कोकिला और विश्व रेडियो दिवस में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति .... Nice article with awesome explanation ..... Thanks for sharing this!! :) :)

    ReplyDelete

आपके विचारों का स्वागत है।