चित्र जोड़ना - यह ठीक नहीं

आज चर्चा का विषय है: चित्र जोड़ना (Image linking) - यह ठीक नहीं। इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में; और
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity में, सुन सकते हैं।
ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। इसकी पिछली कड़ी 'लिंकिंग, क्या यह गलत है' सुनने के लिये यहां चटका लगायें।

चित्र एक प्रकार की अभिव्यक्ति है और यह उस व्यक्ति का कॉपीराइट है जिसने वह चित्र बनाया है, अथवा खींचा है, या उस पर मालिकाना हक है।

अक्सर ऎसा भी होता है कि आप केवल चित्र को जो किसी और वेब पन्ने पर होता है, के साथ लिंक करते हैं। जिसके कारण वह चित्र आपकी वेब साइट पर दिखाई पड़ने लगता है। इसे इमेज लिकिंग (Image Linking) कहते हैं। यह उसके मालिक की बिना अनुमति के करना गलत है। क्योंकि चित्र पर किसी और का कॉपीराइट है और आप उसकी अनुमति के बिना उसे अपने वेब पेज पर नहीं दिखा सकते। यह न केवल कॉपीराइट का उल्लंघन है पर ट्रेड मार्क का भी उल्लंघन हो सकता है।

अक्सर लोग, अपने चित्रों को, कुछ शर्तों के साथ दूसरों को भी प्रकाशित करने की अनुमति देते हैं। ऎसी स्थिति में आप दूसरे वेब पन्ने के चित्र अपने वेब पन्ने पर प्रकाशित कर सकते हैं पर आपको वह चित्र उसी शर्तों के अंतर्गत प्रकाशित किया जाना चाहिये। उदाहरणार्थ,

विकिपीडिया, विकिमीडिया का उपक्रम है और विकिपीडिया में सारे चित्र विकिमीडिया में ग्नू स्वतंत्र अनुमति पत्र की शर्तों के साथ प्रकाशित होते हैं। यदि आप उन्हें अपने वेब-पन्ने पर लिंक दे कर या वहां से डाउनलोड कर प्रकाशित करते हैं तो उन्हें उन्हीं शर्तों के साथ प्रकाशित करें। जैसा कि आप मेरे चिट्ठे पर अक्सर देखते होंगे। हालांकि, शीघ्र ही, विकिमीडिया में प्रकाशित चित्र क्रिएटिव कामन लाइसेंस के अन्दर भी प्रकाशित किये जा सकेंगे। इसके बारे में आप छुट-पुट पर मेरी चिट्ठी विकिपीडिया की रिहाई पर पढ़ सकते हैं।

इस चिट्ठी के प्रकाशित हो जाने के बाद बाल किशन जी, ने एक सवाल पूछा। जिसका जवाब मैंने टिप्पणी द्वारा दे दिया पर मुझे लगता है वह सूचना मुख्य चिट्ठी पर भी होनी चाहिये इसलिये यहां डाल के प्रकाशित कर रहा हूं।

मेरी राय में किसी चित्र को (इंटरनेट पर कंही से भी) अपने कंप्यूटर पर कॉपी कर फिर उसे अपनी पोस्ट पर चिपका देने और चित्र का लिंक देने में कोई अन्तर नहीं है। यह तभी किया जा सकता है जब वह चित्र कॉपीराइट के अन्दर न हो या फिर कॉपीराइटेड सामग्री का प्रयोग कानूनी तौर पर बिना अनुमति से किया जा सकता हो। यह कुछ परिस्थितियों में हमेशा हर देश में किया जा सकता है। यह मैंने अपनी चिट्ठी 'मुजरिम उन्मुक्त, हाजिर हों' पर बताया है।

अंतरजाल की मायानगरी में
टिम बरनर्स् ली।। इंटरनेट क्या होता है।। वेब क्या होता है।। लिकिंग, क्या यह गलत है।। चित्र जोड़ना - यह ठीक नहीं।। फ्रेमिंग भी ठीक नहीं।।

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5 टिप्पणियाँ:

Gyandutt Pandey said...

आपने बताया, धन्यवाद। यदा-कदा इमेज लिंकिग मैने भी की है - सामान्यत: उसी पेज पर जाने के लिये जहां का वह चित्र है। पर सावधानी आवश्यक है। ब्लॉग यातायात बढ़ने पर झंझट आने प्रारम्भ होंगे!

Neeraj Rohilla said...

इमेज लिंकिंग के बारे में इस जानकारी के लिए आपको धन्यवाद, इसका अर्थ हुआ की गूगल की इमेज सर्च में मिले चित्रों का अपने चिट्ठे पर प्रयोग करना गैर-कानूनी है अगर आपने इसकी पूर्व अनुमति नहीं ली है |

शास्त्री जे सी फिलिप् said...

यह बहुत काम की बात है एवं इसके बारे में बताने के लिये आभार. लगभग हर प्रकार की इमेज-लिंकिंग गैरकानूनी है. इसका एक कारण और है: हम दूसरे का बेंडविड्थ चोरी कर रहे है!!!

-- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.
हर महीने कम से कम एक हिन्दी पुस्तक खरीदें !
मैं और आप नहीं तो क्या विदेशी लोग हिन्दी
लेखकों को प्रोत्साहन देंगे ??

बाल किशन said...

हम अगर पहले किसी चित्र को (इंटरनेट पर कंही से भी) अपने कंप्युटर पर कोपी करे फ़िर उसे अपनी पोस्ट पर चिपका दे तो क्या ये भी चोरी की श्रेणी मे आता है? कृपया स्पष्ट करें.

उन्मुक्त said...

बाल किशन जी,
मेरी राय में दोनो में कोई अन्तर नहीं - दोनो गलत हैं। यह केवल उस परिस्थिति में किया जा सकता है जब कॉपीराइट सामग्री का प्रयोग कानूनी तौर पर बिना अनुमति से किया जाना संभव है। यह मैंने अपनी चिट्ठी 'मुजरिम उन्मुक्त, हाजिर हों' चिट्ठी पर बताया है।