Sunday, August 30, 2026

न्यायालय के सामने क्या सवाल थे

 

यह 'हैबियस कॉर्पस केस के पच्चास साल: आपातकाल, सर्वोच्च न्याययालय और संविधान'श्रंखला की दूसरी चिट्ठी है। इसमें चर्चा है कि न्यायालय के सामने क्या सवाल थे।


हैबियस कॉर्पस केस के पच्चास साल:

आपातकाल, सर्वोच्च न्याययालय और संविधान

मैं इस केस में भागीदार कैसे हिस्सा बना।। न्यायालय के सामने क्या सवाल थे।।

Friday, August 21, 2026

हैबियस कॉर्पस केस के पच्चास साल:

मैं, उस समय

आपातकाल, सर्वोच्च न्याययालय और संविधान

मैं इस केस में भागीदार कैसे बना 

सारांश: यह एक नयी श्रंखलाा, 'हैबियस कॉर्पस केस के पच्चास साल: आपातकाल, सर्वोच्च न्याययालय और संविधान' नाम से है। 

यह ऐडीएम जबलपुर बनाम शिव कांत शुक्ल, AIR १९७६ SC १२०७: (१९७६) २ SCC ५२१, यानी प्रसिद्ध हैबियस कॉर्पस केस के बारे में है।

इस फैसले ने आज़ादी के दरवाज़े खोलने के बजाय बंद कर दिए थे। यह फैसला २८ अप्रैल १९७६ को सुनाया गया था। पचास साल बीत चुके हैं। यह समझना दिलचस्प है कि उस वक़्त मुद्दा क्या था, माहौल कैसा था, और बाद में, इस केस का क्या असर हुआ। 

हैबियस कॉर्पस केस के पच्चास साल:

आपातकाल, सर्वोच्च न्याययालय और संविधान

मैं इस केस में भागीदार कैसे हिस्सा बना।। 

Friday, August 07, 2026

आर य़ू अ नॉरमल जज - प्रकाशित हो गयी

यह चिट्ठी 'आर य़ू अ नॉरमल जज? – ऑन लॉ एण्ड अदर थिंगस' के बारे में है।