Monday, April 23, 2007

हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू: भूमिका

कुछ समय पहिले मेरे चिट्ठे पर शायरी सुनायी पड़ती थी। न तो वह शायरी मेरी है और न ही यह आवाज। यह शायरी और आवाज वकाज़ मीर की है। मैंने इसे विज़टबॉक्स डाट कॉम से लोड किया था। इसे पुनः सुनने के लिये विज़िट डाट कॉम की दी गयी लिंक पर जा कर सुन सकते हैं।

मैं एक श्रंखला 'हमने जानी है रिश्तों में रमती खुशबू' नाम से शुरू कर रहा हूं। मुझे अंतरजाल पर विचरण करते समय यह शायरी सुनायी पड़ी। मुझे लगा कि यह इस श्रंखला की भूमिका के लिये उपयुक्त है। न केवल इस शायरी में पर इस आवाज में भी दर्द है, कुछ तड़पन, कुछ उदासी। इसी लिये मैंने इसे इस श्रंखला की भूमिका के लिये चुना। इसी दर्द के कारण, यह दिल को छू भी लेती है।

मैंने इस शायरी को ही इस श्रंखला के लिये क्यों चुना? क्या जमाने में दर्द ही है? क्या यही है रमती खुशबू? क्या यही है रिश्तों का अंजाम। क्या यह शायरी, इस श्रंखला का निचोड़ है, या फिर कुछ और। इस श्रंखला में न केवल हम इस पर बात करेंगे पर कुछ बात करेंगे रिश्तों पर और कुछ बात करेंगे प्यार की। अगली बार हम लोग चर्चा करेंगे उस उद्दरण की, उस पंक्ति की जो इस दर्द और मिठास के को सबसे बेहतर तरीके से जोड़ती है, इसे सबसे अच्छी तरह से व्यक्त करती है। उसी के साथ चर्चा करेंगे उस कविता की, जिससे वह उद्धरण लिया गया है और उस कवि की भी जिसने वह कविता लिखी है।


भूमिका।। Our sweetest songs are those that tell of saddest thought।। कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन, बीते हुए दिन वो मेरे प्यारे पल छिन।। Love means not ever having to say you're sorry ।। अम्मां - बचपन की यादों में।। रोमन हॉलीडे - पत्रकारिता।। यहां सेक्स पर बात करना वर्जित है।। जो करना है वह अपने बल बूते पर करो।। करो वही, जिस पर विश्वास हो।। अम्मां - अन्तिम समय पर।। अनएन्डिंग लव।। प्रेम तो है बस विश्वास, इसे बांध कर रिशतों की दुहाई न दो।। निष्कर्षः प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो।। जीना इसी का नाम है।।

3 comments:

  1. कुछ अरसे से जब-जब आपके चिट्ठे पर आना हुआ है, वकाज़ मीर साहब की आवाज ने काफी देर तक बांध कर रोके रखा है। बहुमुखी प्रतिभा और संवेदनशील आवाज के धनी मीर साहब के तो हम दीवाने हो चुके हैं।

    आपकी लेख-श्रृंखला का इंतजार रहेगा।

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  2. उन्मुक्त जी, उम्दा श्रंखला आरम्भ की है आपने, आगे की कड़ियों की प्रतीक्षा रहेगी।

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