Monday, January 05, 2026

इंटर्नशिप, संवाद, और नेटवर्किंग

सारांश: यह चिट्ठी इंटर्नशिप, बातचीत और नेटवर्किंग के बारे में है। यह आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है और भविष्य के लिए तैयार करता है। 

मेरे  विद्यार्थी दिनों में, इंटर्नशिप करने की कोई बात नहीं थी, इसलिए मैंने कभी कोई इंटर्नशिप नहीं की। लेकिन मैंने खेलों में हिस्सा लिया और अलग-अलग विषयों पर पुस्तकें पढ़ीं। मैंने टेबल टेनिस और स्क्वैश में यूनिवर्सिटी और डिस्ट्रिक्ट प्रतियोगितायें जीतीं। मुझे इस बात का अफ़सोस है कि मैंने वाद-विवाद और पढ़ाई के अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लिया। काश, मैंने इन गितिविधियों में भाग लिया होता।
१९६७ में, टेबल टेनिस की राष्ट्रीय प्रतियोगिता गौहाटी में हुई थी। मैं, इस टीम का सदस्य था। यह चित्र उसी समय का है और में चित्र के बीच में खड़ा हूं

कानून के विद्यार्थियों को सलाह

भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।।  अच्छे संचार का मूलमंत्र - संक्षिप्त और मुद्दे पर बात करना।। संचार के लिये, विषय की स्पष्टता महत्वपूर्ण है।। फाइनमेन तकनीक क्या है।। पढ़ें, पढ़ें, और पढ़ते चलें।। इंटर्नशिप, संवाद, और नेटवर्किंग।।

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अलग-अलग जगहों पर इंटर्नशिप करें

अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग लोगों के साथ इंटर्नशिप करने की कोशिश करें ताकि आपको सभी तरह का अनुभव मिल सके। मेरा मतलब है कि इंटर्नशिप वकालत करने वाले वकीलों, कॉर्पोरेट वकीलों, जिला और साथ ही उच्च न्यायालयों के जजों के साथ की जा सकती है। यह सिर्फ़ इन्हीं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह अलग-अलग एनजीओ (NGO) और सरकारी ऑफिस में भी की जानी चाहिये। 

इसका उद्देश्य, उनके काम करने के तरीके की सीधी जानकारी हासिल करना और समझना है। यह आपको अपना भविष्य चुनने में सहायाता करेगा। इंटर्नशिप के लिए आवदेन देते समय, अनुशंसा (recommendation) शामिल करना, अच्छी बात है।

अपने विद्यार्थी जीवन में, मैं वाईके सिंह नाम से खेलता था। यही नाम इस खबर में है। इलाहाबाद विश्विद्यालय में, तीन साल लगातार, टेबल टेनिस का एकल एवं युगल खिताब जीतना अपने आप में कीर्तिमान है। कहता जाता है कि कुछ और खिलाड़ी ने भी तीन बार ऐसा किया है, लेकिन जहां तक मुझे पता है, उन्होंने इसे लगातार तीन सालों में नहीं जीता।

सोच-समझकर संवाद करें

मुझे अक्सर, लोगों के लिखे लेखों और पुस्तको पर टिप्पणी करने के लिये ईमेल, मैसेज मिलते हैं। कई बार, 'गुड मॉर्निंग' या 'हैप्पी संडे' या कुछ और मुबारकबाद वाले मैसेज आते हैं। यह बातचीत करने का अच्छा तरीका नहीं है। वकील और जज व्यस्त लोग होते हैं: उनके पास बिना मांगे भेजे गये लेख या मैसेज पढ़ने का समय नहीं होता। इसके बजाय,

  • उन्हें अपने कॉलेज में बातचीत या भाषण देने के लिए बुलाएं;
  • भाषण के बाद सोच-समझकर सवाल पूछें;
  • उनके लेखों पर सार्थक प्रतिक्रिया दें

यह, उन्हें अपने लेख या मैसेज भेजने से ज़्यादा फायदेमंद है। इससे आपको अच्छी इंटर्नशिप भी मिल सकती है।

पढ़ाई से अतिरिक्त, गतिविधियों में भाग लें

सार्वजनिक समारोह में बोलने, वाद-विवाद और सामूहिक चर्चा में हिस्सा लें। 

खेलों में हिस्सा लें और अगर आपकी संस्थान में नाटक का क्लब है तो उसके सदस्य बने, नाटक में भाग लेने का प्रयत्न करें। संस्थान कोई अन्य गतिविधी होती है तो उसमें भाग लें या खुद आयोजित करें। 

जहां तक ​​मुझे पता है, यह इलाहाबाद जिला स्क्वैश प्रतियोगिता में, एक मिसाल है।

इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, नेतृत्व की क्षमता आयेगी, और नेटवर्किंग में मदद मिलेगी - ये सभी कानूनी दुनिया में ज़रूरी हैं।

निष्कर्ष: अलग-अलग जगहों पर इंटर्नशिप करना, सोच-समझकर संवाद करना और खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना ज़रूरी है।

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1 comment:

  1. यह पोस्ट पढ़कर सच में बहुत कुछ सीखने को मिला। आप अपने अनुभव इतनी ईमानदारी से बताते हैं कि बात सीधे समझ आ जाती है। खेल, पढ़ाई और जीवन के फैसलों को जोड़कर आपने विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाई है। इंटर्नशिप को लेकर आपकी सलाह आज के छात्रों के लिए बेहद काम की है।

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