मेरे एक मित्र ने, नीचे का विडियो मुझे भेजा। इसने मुझे दो दशक पहले की एक घटना याद दिला दी। इस चिट्ठी में, उसी घटना का जिक्र है।
यह विडियो मेरा नहीं है। इसमें ZeeAiArt लिखा है लगता है यह उन्हीं का द्वारा बनाया गया लगता है। इसमें उर्दू के प्रसिद्ध व्यंग्यकार और हास्य लेखक मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी के द्वारा कुछ कहा गया है। यह उन दोनों के सौजन्य से है।








