Sunday, August 21, 2022

आपातकाल के 'निकोलस बेकर'

इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के फिल्म और गानों में रुचि के साथ आपातकाल के दौरान नाम और भेष बदलने की चर्चा है।

आपातकाल के समय, रज्जू भैया अपने बदले रूप और छद्म नाम गौरव के रूप में

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।। भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें।। चाहता हूं, कुछ और भी दूं।।

Monday, August 15, 2022

मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - गलत नहीं

रिचर्ड फाइनमेन - बॉंगो बजाते हुऐ
 इस चिट्ठी में, सम्मेलनों में पूछे जाने वाले सवाल, उनकी प्रसांगिकता पर फाइनमेन के विचारों की चर्चा के साथ, न्यायलय में पूछे जाने वाले सवालों की चर्चा है।

 चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।

Friday, August 05, 2022

फ़रमानी नाज़ के विचारों को सलाम

इस चिट्ठी पर फ़रमानी नाज़ के गाये भजन 'हर-हर शंभू' पर उठे विवाद पर चर्चा है।

चित्र - फ़रमानी नाज़ के गाये भजन के वीडियो से

Thursday, July 28, 2022

सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन


इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के साथ, सेंट्रल इंडिया लॉन टेनिस चैंपियनशिप में देखे गये मैचों की चर्चा है।

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।। भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें।। चाहता हूं, कुछ और भी दूं।।

Saturday, July 16, 2022

अरे काहे की पोलिश भाषा

इस चिट्ठी में, जयन्त नार्लीकर की रिचर्ड फाइनमेन से मुलाकात की भी चर्चा है। 

१९६२ में, वॉरसा में हुऐ सम्मेलन में, पॉल डिरैक और रिचर्ड फाइनमेन - यह चित्र 'वॉन्डरस ऑफ फिजिक्स' की इस चिट्ठी से है

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

Saturday, May 14, 2022

हाय, हाय यह मजबूरी

 इस चिट्ठी में, आजकल आयी गर्मी की लहर और उससे निजात पाने के उपायों पर चर्चा है।

हाय, हाय यह मजबूरी

यह मौसम और यह गरमी

उस पर, पानी की यह किल्लत

और साथ में, गुल बिजली

हाय, हाय यह मजबूरी

Saturday, April 02, 2022

फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत

जयन्त नार्लीकर ने, अपना शोद्ध फ़्रेड हॉयल के साथ किया। इस चिट्ठी में कुछ बातें उनके बारे में।

फ़्रेड हॉयल का यह चित्र The Guardian के लेख 'Fred Hoyle: the scientist whose rudeness cost him a Nobel prize' के सौजन्य से है।

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।

Tuesday, March 15, 2022

रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव

 इस चिट्ठी में, रज्जू भैया के अध्यन के दिनों के साथ, उनके संघ की तरफ झुकाव की चर्चा है। 

सेंट जोसेफ नैनीताल - चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से

रज्जू भैया, जैसा मैंने जाना

भूमिका।। रज्जू भैया का परिवार।। रज्जू भैया की शिक्षा और संघ की तरफ झुकाव।। रज्जू भैया - बचपन की यादें।। सन्ट्रेल इंडिया लॉन टेनिस चैम्पियनशिप और टॉप स्पिन।। आपातकाल के 'निकोलस बेकर'।। भगवान इतने कठोर कि दूध पीने लगें।। चाहता हूं, कुछ और भी दूं।।

Wednesday, March 09, 2022

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से

इस चिट्ठी में, जयंत विष्णु नार्लीकर की आत्मकथा  'चार नगरोंं की मेरी दुनिया' से,    कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कुछ किस्सों की चर्चा है।

कैम्ब्रिज विश्वविदयाल का फिट्ज़विलियम कॉलेज का खेल का मैदान, जहां जयन्त नार्लीकर ने पढ़ाई की - चित्र विकिफीडिया से

चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर

भूमिका।।  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।