Friday, September 23, 2011

अनन्तता समझो, ईश्वर के पास पहंचो

इस चिट्ठी में, आमिर डी ऐक्ज़ल (Amir D Aczel) के द्वारा,  गणितज्ञ जॉर्ज कैंटर (George Cantor) की जीवनी पर लिखी पुस्तक 'द मिस्ट्री ऑफ द एलेफ: मैथमेटिक्स, द केबालह, एन्ड द सर्च फॉर इंफिनिटी' (The mystery of the Aleph: Mathematics, the Kabbalah, and the Search for Infinity) की समीक्षा है।
इस चिट्ठी को आप सुन भी सकते हैं। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो ऊपर दाहिने तरफ का पृष्ट, "'बकबक' पर पॉडकास्ट कैसे सुने" देखें।



कुछ समय पहले साईबर अपराध की श्रंखला लिखते समय मैंने कोर्ट गर्डल के अपूर्णता सिद्धान्त और उस  पर पढ़ी निम्न पुस्तकों का जिक्र किया था। 
  1. Gödel: A life of Logic by John L Casti (गर्डल: ए लाइफ ऑफ लॉज़िक लेखक जॉन एल कास्टी)
  2. A world Without Time: The forgotten legacy of Gödel and Einstein by Polle Yourgrau (ए वर्ल्ड विथआउट टाइम: द फॉरगॉटन लेगसी ऑफ गर्डल एंड आइंस्टाइन लेखक पॉले योरग्रॉ)
  3. Gödel, Escher, Bach: An Eternal Golden Braid by Douglas R. Hofstadter (गर्डल, ऍशर, बाख: एन ईटर्नल गोल्डेन ब्रेड लेखक डगलस आर हॉफस्टैडर)
  4. The Emperor's New Mind: Concerning Computers, Minds and The Laws of Physics (द एमपररस् न्यू माइंड: कंसर्निग कंप्यूटरस्‌, माइंडस् एण्ड द लॉज़ ऑफ फिज़िक्स  लेखक रॉजर पेनरोज)
इसके अतिरिक्त, इसी श्रृंखला में मैंने एक विज्ञान कहानी उपन्यास 'अंकल पेट्रोस एण्ड गोल्डबाकस् कंजेक्चर' (Uncle Petros and Goldbachs Conjectur) की भी चर्चा की थी। इसमें कोर्ट गर्डल के अपूर्णता सिद्धान्त की चर्चा है।

इस श्रंखला लिखने के बाद, लेकिन उसके प्रकाशन के समय मैंने 'द मिस्ट्री ऑफ द एलेफ: मैथमेटिक्स, द केबालह, एन्ड द सर्च फॉर इंफिनिटी' (The mystery of the Aleph: Mathematics, the Kabbalah, and the Search for Infinity) पुस्तक को भी पढ़ा। इसमें भी कुछ चर्चा  कोर्ट गर्डल के अपूर्णता सिद्धान्त की है। 

कैंटर, सेट थ्योरी के पिता कहे जाते हैं। अनन्तता (infinity) पर सबसे महत्वपूर्ण काम कैंटर ने किया है। इस पुस्तक में,  इसकी विस्तार से चर्चा है। इस पुस्तक के पहले कुछ अध्यायों में, कैंटर के पहले अनन्तता पर किये गये कार्य और उन गणितज्ञयों की भी चर्चा है।

अनन्त भी एक सेट है। मैंने अपनी चिट्ठी, ईश्वर का आस्तित्व नहीं है में सेट के बारे में लिखते समय बताया था,

A set is a collection of well defined distinct objects।
सेट चीज़ों, वस्तुओं, पदार्थों का संकलन है।

सेट में जितने सदस्य होते हैं वह उस सेट की गणनीयता (cardinality) कहलाता है। यह सीमित अथवा असीमित या अनन्त हो सकता है। अनन्त नंबरों को कैंटर ने हीब्रियू (Hebbrew) लिपि के अक्षर א (ऍलेफ) से दर्शाया।

अनन्त के भी अजीब गुण हैं।

  • एक मीटर लम्बी लाइन में अनन्त बिन्दु होते हैं। यह उतने ही हैं जितने कि दो मीटर या उससे लम्बी लाइन में;
  • एक मीटर लम्बी लाइन में उतने ही बिन्दु हैं जितने की १ वर्ग मीटर या कितने भी वर्ग मीटर में;
  • एक मीटर लम्बी लाइन में उतने ही बिन्दु हैं जितने की १ घन मीटर या कितने भी घन मीटर में।

हैं न कितना अजीब।

यह अनन्त सेट भी कई प्रकार के हो सकते हैं। प्रत्येक अनन्त सेट बराबर नहीं होते हैं।  कुछ गणनीय अनन्त सेट (countably infinite or denumerable sets)  {जैसे कि पूर्ण संख्याओं (integers) का सेट} होते हैं। इस तरह के सेटों की गणनीयता को कैंटर ने א (ऍलेफ शून्य) से दर्शाया। अनन्त सेटों के गुण भी अजीब होते हैं, जैसे,
א + १ = א
א + क = א
א x क = א
א x א = א
कुछ अगणनीय अनन्त सेट (uncountably infinite sets) होते हैं जैसे कि  वास्तविक नंबरों का सेट (set of real numbers) (real numbers include rational and irrational numbers)। इस सेट को सातत्यक (Continuum) (कन्टिन्युअम) कहा जाता है। यह गणनीय अनन्त सेट से बड़े होते हैं।  कैंटर ने वास्तविक नंबरों के सेट की गणनीयता को א से दर्शाया।

अगणनीय अनन्त सेट भी बराबर नहीं होते हैं। ज्यामितीय वक्रों (geometrical curves) की संख्या का सेट, वास्तविक नंबरों का सेट से बड़ा है। कैंटर ने इसकी गणनीयता को א से दर्शाया। अभी तक कोई ऐसा सेट नहीं मिल जो कि इससे बड़ा हो। यानि कि कोई सेट नहीं है जिसे א से दर्शाया जा सके।


कैंटर का चित्र - विकिपीडिया से

कैंटर का कहना था,
'There is no set whose cardinality is strictly between that of the integers and that of the real numbers'
गणनीय अनन्त सेट א और वास्तविक नंबरों का सेट (set of real numbers) के सेट या सातत्यक (Continuum) (कन्टिन्युअम) א के बीच कोई अनन्त सेट नहीं है।
इसे सातत्यक अनुमान (Continuum Hypothesis) कहा गया। इसका दूसरा प्रतीकात्मक रूप है
א = אक+१

हिलबर्ट के २३ प्रश्नों के बारे में मैंने यहां लिखा है। उसका पहला प्रश्न  इसी अनुमान को सही या गलत सिद्ध करने के बारे में है।  इस क्षेत्र में, कोर्ट गर्डल ने भी   काम किया है। इसी लिये, इस पुस्तक में, उसका भी जिक्र है।

कैंटर का कहना था

'अनन्तता वास्तविक है। क्योंकि उसे इसके बारे में ईश्वर ने ही उसे बताया था और यह अनुमान ईश्वर की ही देन है। इसे समझना ईश्वर के पास पहुंचना है।'
ऐसा ही विचार, उस समय, कुछ पादरी गणितज्ञों का भी था।

गर्डल और उसके बाद कोहन (Paul Cohen) ने सिद्ध किया कि इस समय जो भी गणित के नियम है उसके अन्दर Continuum Hypothesis न तो सही और न ही गलत सिद्ध की जा सकती है। इन नियमों के अन्दर यह एक पहेली  (enigma) ही रहेगी। यानि की, यह इस समय के गणित नियमों की अपूर्णता है जिसे गर्डल ने १९३१ में सिद्ध किया था। शायद गणित का कोई अन्य नियम निकले, तभी इसका हल ढ़ूंढ़ा जा सके।

लेकिन क्या यह इत्तिफाक है कि जब जब कैंटर और गर्डल ने Continuum  Hypothesis पर कार्य किया तब दोनो का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। उन दोनो की मृत्यु भी, एक ही तरह से हो गयी। दोनो ने स्वयं को भूखा रख कर मार दिया।

यदि आपको गणित में रुचि है तब इस पुस्तक को अवश्य पढें। यदि आपके बेटे या बेटी गणित में रुचि रखते हों। तो उन्हें अवश्य पढ़ने को दे। लेकिन इसका आनन्द लेने के लिये इंटरमीजिएट कक्षा की गणित का ज्ञान आवश्यक है। यदि आपको अनन्तता के बारे में रुचि हो तो जॉर्ज गैमव (George Gamov) की लिखी पुस्तक   'वन टू थ्री...इंफिनिटी फैक्टस् एण्ड स्पेक्यूलेशन ऑफ साइंस' (One Two Three...Infinity: Facts and Speculations of Science'  भी अवश्य पढ़ें। इस पुस्तक के बारे में मैंने यहां चर्चा की है।


कुछ समय पहले बीबीसी ने डेंजरस् नॉलेज (Dangerous Knowledge) नामक श्रृंखला प्रसारित की थी। यह श्रृंखला चार विलक्षण प्रतिभा के व्यक्ति, जिसमें तीन गणितज्ञ- जॉर्ज कैंटर (Georg Cantor), कोर्ट गर्डल (Kurt Gödel) और ऐलन ट्यूरिंग (Alan Turing) - और एक भौतिक शास्त्री लुडविंग बॉल्टज़मैन (Ludwig Boltzmann) पर थी।
यह बेहतरीन श्रृंखला है और यदि इसे आपने नहीं देखा है तो यूट्यूब में देख सकते हैं। हांलाकि इस श्रृंखला में, इनकी जीवनी के बारे में कुछ सूचनायें सही नहीं हैं। इसमें कैंटर का भाग यहां देखिये।

श्रृंखला 'तू डाल डाल, मैं पात पात' की कड़ियां
भूमिका।। नाई की दाढ़ी को कौन बनाता है।। नाई, महिला है।। मिस्टर व्हाई - यह कौन हैं।। गणित, चित्रकारी, संगीत - क्या कोई संबन्ध  है।। क्या कंप्यूटर व्यक्तियों की जगह ले सकते हैं।। भाषायें लुप्त हो जाती हैं - गणित के सिद्घान्त नहीं।। ऐसा कोई कंप्यूटर नहीं, जिसे हैक न किया जा सकता हो।। साइबर या कंप्यूटर कानून क्या होता हैभारत में साइबर कानून।। साइबर कानून का उल्लंघन और उसके उपाय।। कंप्यूटर या सर्वर को लक्षय कर किये गये साईबर अपराध।। साइबर अपराध, जिनका लक्षय कंप्यूटर नहीं होता है।। अन्तरजाल, एकांतता का अन्त है।।

श्रृंखला 'तू डाल डाल, मैं पात पात' के पुनः लेख
ईश्वर का आस्तित्व नहीं है।। अनन्तता समझो, ईश्वर के पास पहंचो।।





About this post in Hindi-Roman and English 
is chitthi mein, Amir D Aczel ke dvara likhee pustak 'The mystery of the Aleph: Mathematics, the Kabbalah, and the Search for Infinity' kee smeekshha hai. yeh chitthi {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is review of the book 'The mystery of the Aleph: Mathematics, the Kabbalah, and the Search for Infinity' written by Amir D Aczel. It is in Hindi (Devnagri) script.  You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द
।  Kurt Gödel, Incompleteness theorems, Mathematics, set theory, George cantor, Infinity, David Hilbert, Paul Cohen, continuum hypothesis, Amir D Aczel,
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