Tuesday, April 07, 2020

क्या सोशल मीडिया सही रास्ते पर है?

इस चिट्ठी में, सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों की भूमिका पर कुछ सवाल हैं।
समझ - डग्रियों या पैसे की मोहताज नहीं। ओडिसा का आदिवासी गांव चित्र बालाकृष्नन आर के सौजन्य से




Saturday, April 04, 2020

जरूरत है - दान प्रवृति बढ़ाना, ज़कात अपनाना

इस चिट्ठी में, कॉरोना वाइरस से लड़ाई में, पाकिस्तान में ज़कात के महत्व के साथ, समाज को वापस देने के लिये, दान प्रवृति पर जोर देना और ज़कात के मर्म को अपनाने की चर्चा है। 

करांची में अन्नदान करते पाकिस्तानी - बीबीसी की रिपोर्ट से

Wednesday, April 01, 2020

संतोष करो, अच्छा समय आयेगा

इस चिट्ठी में, कॉरोना वाइरस संकट के समय राशन या अन्य समान की जमाखोरी न करने, औेर उसका पाठ पढ़ाती एक पोस्ट की चर्चा है।

चित्र मीडियम वेबसाइट से

Friday, March 27, 2020

सलाम, आभार

इस चिट्ठी से, सफाई कर्मियों को मेरा आभार, मेरा सलाम। 

Sunday, March 15, 2020

सेक्स के कारण

इस चिट्ठी में, गिलियन थॉमस (Gillian Thomas) की लिखी पुस्तक 'बिकॉस ऑफ सेक्स' (Because of Sex) की समीक्षा है।

Sunday, March 01, 2020

महान भौतिक शास्त्री फ्रीमैन डायसन नहीं रहे


यह चिट्ठी जाने माने सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी और गणितज्ञ फ्रीमैन डायसन को श्रद्धांजलि है। 

फ्रीमैन डायसन का यह चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से 

Sunday, February 16, 2020

कॉरौना वाइरस और विज्ञान कहानी 'द एन्ड्रौमिडा स्ट्रेन'

माइकेल क्राइटेन, मेरे प्रिय विज्ञान कहानी लेखकों में से एक हैं। उन्होंने एक रोचक उपन्यास 'द एन्ड्रौमिडा स्ट्रेन' नाम से लिखा है।
इस चिट्ठी में, कॉरौना वाइरस की चर्चा के साथ, इस पुस्तक की समीक्षा है।

Tuesday, January 07, 2020

बोरबाकी, ज़ीरो और डॉ बनवारी लाल शर्मा

यह चिट्ठी, आंद्रे वेल, उनके द्वारा बनाये बोरबाकी ग्रुप, इसके बारे में अमीर डी इक्जेल की लिखी पुस्तक 'द आर्टिस्ट एंड द मैथमेटिशियन: द स्टोरी ऑफ निकोला बोरबाकी, जीनियस मैथमेटिशियन हू नेवर एक्जिस्टेड' और इलाहाबाद के जाने माने गणित के प्रोफेसर बनवारी लाल शर्मा के बारे में  है।

१९३८ में बोरबाकी ग्रुप का लिया चित्र - महिला सिमोन वेल हैं और आंद्रे वेल बायें से तीसरे

Thursday, January 02, 2020

हज़ारों सूरजों सेेेे भी चमकीला

यह चिट्ठी, रॉबर्ट ओपेनहाइमर, उनके बारे में एक दिलचस्प लेख, उनका गीता प्रेम  और रॉबर्ट जुंगक की लिखी पुस्तक 'Brighter than Thousand Suns' के बारे में है।

Monday, November 18, 2019

नैनी सेन्ट्रल जेल और इमरजेन्सी की यादें

इस चिट्ठी में, अपने पिता, इमरजेन्सी  और नैनी सेन्ट्रल जेल की यादें।

नैनी सेन्ट्रेल जेल का दरवाजा - जहां से हमें अन्दर ले जाया जाता था

तुम्हारे बिना
।। 'चौधरी' ख़िताब - राजा अकबर ने दिया।। बलवन्त राजपूत विद्यालय आगरा के पहले प्रधानाचार्य।। मेरे बाबा - राजमाता की ज़बानी।। मेरे बाबा - विद्यार्थी जीवन और बांदा में वकालत।। बाबा, मेरे जहान में।। पुस्तकें पढ़ना औेर भेंट करना - सबसे उम्दा शौक़।। सबसे बड़े भगवान।। जब नेहरू जी और कलाम साहब ने टायर बदला।।  मेरे नाना - राज बहादुर सिंह।। बसंत पंचमी - अम्मां, दद्दा की शादी।। अम्मां - मेरी यादों में।।  दद्दा (मेरे पिता)।।My Father - Virendra Kumar Singh Chaudhary ।।  नैनी सेन्ट्रल जेल और इमरजेन्सी की यादें।। RAJJU BHAIYA AS I KNEW HIM।। मां - हम अकेले नहीं हैं।।  रक्षाबन्धन।। जीजी, शादी के पहले - बचपन की यादें ।।  जीजी की बेटी श्वेता की आवाज में पिछली चिट्ठी का पॉडकास्ट।। चौधरी का चांद हो।।  दिनेश कुमार सिंह उर्फ बावर्ची।। GOODBYE ARVIND।।