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| रिचर्ड फाइनमेन - बॉंगो बजाते हुऐ |
चार नगरोंं की मेरी दुनिया - जयंत विष्णु नार्लीकर
भूमिका।। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किस्से।। फ़्रेड हॉयल - नार्लीकर के प्रेरणा स्रोत।। अरे काहे की पोलिश भाषा।। मूर्खता भरी, सनसनीखेज टिप्पणी - ठीक।। हर दिन, हर समय शुभ है।।






